फिक्की उच्च शिक्षा सम्मेलन में ‘भविष्य के विश्वविद्यालयों’ पर चर्चा

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फिक्की के उच्च शिक्षा सम्मेलन 2018 में यहां ‘भविष्य के विश्वविद्यालयों’ पर चर्चा की गई। मानव संसाधन मंत्रालय, वित्त मंत्रालय और वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय की भागीदारी में इस सम्मेलन के 14वें संस्करण का आयोजन किया गया। सम्मेलन में वाणिज्य, उद्योग और नागरिक विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने मंगलवार को ‘भविष्य के विश्वविद्यालय-शिक्षा 4.0’ विषय पर फिक्की-ईवाई दृष्टिकोण पत्र जारी किया।

फिक्की-ईवाई दृष्टिकोण पत्र में बताया गया है कि भविष्य के विश्वविद्यालयों को अभूतपूर्व चुनौतियों के साथ नवाचार के अवसरों के लिए भी तैयार होना चाहिए। उद्योगों से मिले इनपुट से अपने पाठ्यक्रम को समृद्ध करने के अलावा, विश्वविद्यालयों को छात्रों को करियर परामर्श, उद्योग से जुड़ने का अवसर और कौशल उन्नयन के लिए ऑनलाइन पाठ्यक्रम प्रदान करना चाहिए।

दृष्टिकोण पत्र में बताया गया कि छात्रों के अनुभव को समृद्ध बनाने के लिए विश्वविद्यालयों को प्रौद्योगिकी का प्रयोग करना चाहिए ताकि उन्हें प्रयोगात्मक और सहयोगपूर्ण शिक्षा हासिल हो। साथ ही उन्हें अपने कार्यक्रम में लचीलापन प्रदान करना चाहिए, नवोन्मेष के विचारों को प्रोत्साहित करना चाहिए।

इस मौके पर प्रभु ने शिक्षा जगत से उच्च शिक्षा की चुनौतियों को पहचानने तथा चौथी औद्योगिक क्रांति की जरूरतों को समझने का आह्वान किया, ताकि भविष्य के छात्र दुनिया का सामना कर सकें।

उन्होंने कहा, “यह महत्वपूर्ण है कि कैसे सीखें, लेकिन उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण है कि कैसे नहीं सीखें। ऐसा तभी संभव है, जब दिमाग खुला हो और सतत सीखने की ललक हो।”

मंत्री ने सभी हितधारकों के बीच साझेदारी का आह्वान किया क्योंकि शिक्षा अकेले विश्वविद्यालयों में ही नहीं दी जा सकती।

सम्मेलन में नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर के अध्यक्ष टैन इंग चे ने कहा, “कोई भी विश्वविद्यालय हो, वह ऐसा सारा ज्ञान और कौशल नहीं दे सकता है, जिसकी व्यक्ति को अगले 50 सालों तक जीवन में जरूरत होती है।”

उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती उन ग्रेजुएट के लिए नौकरियों के सृजन की है, जिन्होंने अपने कौशल का उपलब्ध रोजगार के हिसाब से उन्नयन नहीं किया है। उन्होंने उम्मीद जताई की अल्पकालिक पाठ्यक्रमों से शिक्षा जारी रखने वाले ग्रेजुएट के लिए रोजगार के अन्य मौके भी उपलब्ध होंगे।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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