ऑडियो वीडियो प्लेटफार्म पर स्कूलों की डिजिटल पुस्तकें

0

देशभर के स्कूलों में भले ही ऑनलाइन पढ़ाई करवाई जा रही है, लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में छात्रों को उनके पाठ्यक्रम की पुस्तकें उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। ऐसे में अब छात्रों को ऑडियो-वीडियो प्लेटफार्म पर डिजिटल पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं। देश भर के छात्रों के लिए यह पहल एनसीईआरटी ने की है।

ऑडियो-वीडियो प्लेटफार्म पर पुस्तकें उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। खास बात यह है कि छात्रों को इन डिजिटल पुस्तकों को हासिल करने के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा।

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा, “ई-पाठशाला वेबसाईट एवं मोबाइल एप पर डिजिटल पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं।”

एनसीईआरटी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “ई-पाठशाला वेबसाईट पर पुस्तकों को कई भाषाओं में उपलब्ध करवाया गया है। यहां कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक एनसीईआरटी की सभी विषयों की पुस्तकें उपलब्ध हैं। प्रत्येक राज्य के छात्र जिस भाषा में अपने पाठ्यक्रम को पढ़ते हैं वह उसी भाषा में इन पुस्तकों को यहां हासिल कर सकते हैं।”

देश के अन्य राज्यों एवं दिल्ली में स्कूली पुस्तकों एवं स्टेशनरी की दुकानें खोलने की मंजूरी दी जा चुकी है। सरकार द्वारा एकल दुकानों को स्वीकृति दिए जाने के बावजूद पुस्तकों की अधिकांश दुकानें अभी भी बंद है। दिल्ली समेत उत्तर भारत के अधिकांश प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाई जाने वाली पुस्तकों के भी कई पब्लिशर अंसारी रोड से अपने प्रतिष्ठान चलाते हैं, हालांकि फिलहाल पुस्तकों के यह सभी स्टोर बंद हैं।

ऐसा ही हाल स्कूली किताबों की दिल्ली स्थित सबसे बड़ी मार्केट नई सड़क का है। पूरी नई सड़क मार्केट में फिलहाल स्टेशनरी की ही इक्का-दुक्का दुकानें खुल रही हैं, जबकि स्कूली पुस्तकों की दुकानें अभी भी यहां बंद पड़ी हैं।

मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के मुताबिक स्कूली पाठ्यक्रम से जुड़ी किताबों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने छात्रों के साथ हुई ऑनलाइन चर्चा में कहा, “एनसीईआरटी की किताबें सभी छात्रों को मुहैया हो सके इसके लिए आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। किताबों की कोई कमी नहीं है प्रत्येक राज्य में छात्रों को किताबें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं और प्रत्येक राज्य में पर्याप्त पुस्तकें उपलब्ध करवाई गई हैं।”

मानव संसाधन विकास मंत्रालय जहां पुस्तकें उपलब्ध करवाने का दावा कर रहा है वहीं दूसरी ओर ऐसी पुस्तकें छात्रों तक पहुंचाने वाली दुकानों पर अभी तक ताले लटके नजर आ रहे हैं।

छात्रों की इन्हीं समस्याओं को दूर करने के लिए ई-पाठशाला वेबसाइट पर ऑडियो वीडियो प्लेटफॉर्म स्थापित कर डिजिटल पुस्तकों को अपलोड किया गया है। छात्र अब अपनी सुविधा और आवश्यकता के अनुसार इन पुस्तकों को पढ़ सकते हैं।

नयूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleमोदी सरकार के मंत्री रामदास अठावले बोले, ‘देश में 30 मई तक बढ़ाया जाए लॉकडाउन’
Next articleभारतीय रेल ने 12 मई तक देश भर में 542 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here