लगातार छठे दिन बढ़े डीजल के दाम, पेट्रोल की कीमत स्थिर

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डीजल के दाम में लगातार छठे दिन मंगलवार को वृद्धि हुई, जबकि पेट्रोल के भाव में एक सप्ताह से कोई बदलाव नहीं हुआ है। तेल विपणन कंपनियों ने डीजल का दाम फिर पांच पैसे प्रति लीटर बढ़ा दिया है। इन छह दिनों मंे देश की राजधानी दिल्ली में डीजल 95 पैसे लीटर महंगा हो गया है। इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली, कोलकता, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल का दाम पूर्ववत क्रमश: 74.63 रुपये, 77.29 रुपये, 80.29 रुपये और 77.58 रुपये प्रति लीटर बना हुआ है।

लेकिन चारों महानगरों में डीजल की कीमत बढ़कर क्रमश: 66.99 रुपये, 69.40 रुपये, 70.28 रुपये और 70.82 रुपये प्रति लीटर हो गई है।

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इस महीने बेंचमार्क कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड के दाम में छह करीब छह डॉलर प्रति बैरल का इजाफा हुआ है। इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज पर ब्रेंट क्रूड के फरवरी डिलीवरी अनुबंध में पिछले सत्र के मुकाबले मामूली तेजी के साथ 66.70 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार चल रहा था।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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