दिवाली में पूजा से पहले जान लें मां लक्ष्मी से जुड़ी ये बातें

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दिवाली में मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के मंत्र और उपाय तो आपको पता होगे। मगर क्या आपने कभी सोचा हैं,कि मां लक्ष्मी से जुड़ी चीजों का प्रतीकात्मक महत्व क्या होता हैं। बिना अ​र्थ जाने मां लक्ष्मी की पूजा करना बेकार हैं। लक्ष्मी का अथ सर्वोच्च लक्ष्य से लिया जाता हैं। संस्कृत शब्द लक्ष का अर्थ हैं लाख,लक्ष्मी शब्द की उत्पत्ति संस्कृत की लक्ष धा​तु से हुआ हैं। लक्ष का अर्थ हैं ध्यान लगाना,ध्येय बनाना।

लक्ष्मी मां का ऊपरी बायां हाथ धर्म का प्रतीक हैं,वही निचला बायां हाथ का अर्थ भौतिक संपन्नता का प्रतीक हैं। वही दायां निचला हाथ काम का प्रतीक हैं। और ऊपरी दायां हाथा मोक्ष का प्रतीक माना जाता हैं मां लक्ष्मी के हाथों में आपने आधा खिला हुआ कमल पुष्प देखा होगा। इसका लाल रंग रजगुण और सफेद रंग सत गुण का प्रतीक हैं। इस का मतलब हैं,सांसारिक और आध्यात्मिक यात्रा में एक साथ प्रगति। मां का दायां निचला हाथ अभय मुद्रा में रहता हैं। इसका अर्थ हैं भय से आजादी।

मां लक्ष्मी के चित्र में उनके हाथ से सिक्के गिरते हुए दिखता हैं। सिक्कों का अर्थ हैं,हर दिशा में संपन्नता।वही मां के दूसरे हाथ में भी कमल का फूल दिखता हैं। इस फूल में हजारों पंखुड़िया होती हैं। यह सहस्त्र चक्र का समानार्थी हैं।

मां लक्ष्मी को लाल रंग की साड़ी पहने हुए दिखाया जाता हैं। लाल रंग रज का रंग हैं,जो सृजनात्मकता क प्रतीक हैं। वही मां लक्ष्मी कमल के फूल पर विराजमान रहती हैं। इस मुद्रा का अर्थ हैं,कि दुनिया में रहकर भी पूरी तरह से दु​निया के मायाजाल में नहीं फंसें कई चित्रों में मां लक्ष्मी के बायी ओर उल्लू को बैठे हुए दिखाया जाता हैं। यह अंधेरे का प्रतीक हैं। वही धन संपत्ति के प्रति ज्यादा आसक्ति अज्ञानता का संकेत हैं। लक्ष्मी मां की तस्वीर में हाथियों को पानी फेंकते हुए दिखाया जाता हैं। ये चार हाथी ​चार दिशाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं।

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