सरकार गिराने को उपमुख्यमंत्री भाजपा के साथ डील कर रहे थे, सबूत है : गहलोत

0

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सचिन पायलट का नाम लिए बगैर बुधवार को कहा कि उपमुख्यमंत्री सरकार गिराने के लिए खुद एक सौदे में लगे हुए थे और उनके पास इसके सबूत हैं। गहलोत के खिलाफ बागी तेवर के कारम सचिन पायलट को उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से बर्खास्त किया जा चुका है।

गहलोत ने पायलट का नाम लिए बिना सीधा हमला करते हुए कहा कि धाराप्रवाह अंग्रेजी बोल लेने, मीडिया के सामने अच्छे से बोल लेने, बयानबाजी कर लेने, और एक सुंदर व्यक्तित्व होना सब कुछ नहीं होता। बल्कि, मायने ये रखता है कि राष्ट्र के लिए आपके दिल में क्या है, देश के लिए आपकी प्रतिबद्धता क्या है और अपनी पार्टी के लिए आपकी विचारधारा और नीतियां क्या हैं। उन्होंने कहा, “सोने की छुरी पेट में खाने के लिए नहीं होती।”

गहलोत ने कहा कि पीसीसी प्रमुख भाजपा के साथ बात कर रहे थे और देर रात 2 बजे सौदा हुआ और एक मौद्रिक लेनदेन किया गया था। उन्होंने मोदी सरकार पर पूरे साजिश में शामिल होने का भी आरोप लगाया।

गहलोत ने कहा, “हमारी पार्टी के कुछ सदस्य अति महत्वाकांक्षी हो गए और भाजपा के साथ हाथ मिला लिया। वास्तव में, हमारे पीसीसी प्रमुख और उपमुख्यमंत्री खुद इस सौदे में शामिल थे। हमारे पास सबूत हैं, वे देर रात 2 बजे बात कर रहे थे। हमें सूचित किया गया कि हमारी सरकार को गिराने के लिए एक सौदा किया जा रहा है। मेरे पास उसी के खिलाफ सबूत हैं और उन लोगों के नाम हैं, जिन्होंने पैसे लेने से इनकार कर दिया था।”

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लोकतंत्र को 70 साल तक जिंदा रखा, हालांकि, मौजूदा सरकार लोकतंत्र को खत्म के लिए पूरी तरह से तैयार है।

राजस्थान के सीएम ने राजस्थान में ईडी और आईटी द्वारा की गई छापेमारी को लेकर केंद्र सरकार की मंशा पर भी सवाल उठाया और कहा कि सरकार ऐसी एजेंसियों का दुरुपयोग करके लोगों को आतंकित क्यों कर रही है। उन्होंने सवाल किया कि लोकतंत्र कहां है।

गहलोत ने कहा कि हम 40 से अधिक वर्षों तक कड़ी मेहनत करने के बाद भी जीवित हैं। हालांकि, नई पीढ़ी ने बहुत संघर्ष नहीं किया है। उन्हें लगता है कि हम उन्हें पसंद नहीं करते हैं, लेकिन सोनिया गांधी उन्हें पसंद करती हैं, राहुल गांधी उन्हें पसंद करते हैं और अशोक गहलोत भी उन्हें पसंद करते हैं।

उन्होंने कहा कि “हमारे समय में, हमारे पास आईटी और मोबाइल नहीं थे, हालांकि, आज नेताओं के पास नवीनतम तकनीक उपलब्ध है और इसलिए वे कड़ी मेहनत कर सकते हैं और राष्ट्र के विकास के लिए अच्छे से काम कर सकते हैं।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleसारा अली खान के लिए पिता सैफ हैं उनके ‘मिकी माउस’
Next articleहमारे देश में बनेंगी निमोनिया की पहली वैक्सीन, ट्रायल के बाद जल्दी ही होंगी भारत में लॉन्च
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here