Delhi violence : जामिया छात्र तनहा परीक्षा में बैठने के लिए पैरोल पर रिहा

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दिल्ली की एक अदालत ने उत्तर पूर्वी दिल्ली में फरवरी में हुई हिंसा में षड्यंत्र से जुड़े एक मामले में ह्यअवैध गतिविधि (रोकथाम) कानून (यूएपीए) के तहत गिरफ्तार जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र आसिफ इकबाल तनहा को दिसंबर में उनकी कंपार्टमेंटल परीक्षा के लिए तीन-दिवसीय कस्टडी पैरोल पर रिहा कर दिया। तनहा ने फारसी भाषा में अपनी बी. ए. (ऑनर्स) की चार, पांच और सात दिसंबर को होने वाली तीन पिछली बकाया (बैकलॉग) परीक्षाओं की तैयारी के लिए 30 नवंबर से सात दिसंबर तक के लिए अंतरिम जमानत की मांग करते हुए अदालत का रुख किया है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने आदेश दिया, अदालत उक्त परीक्षाओं के लिए आरोपी को कस्टडी पैरोल की अनुमति देती है। आरोपी आसिफ इकबाल तनहा को चार, पांच और सात दिसंबर के लिए कस्टडी पैरोल दी जाती है।

अदालत ने कहा कि तनहा के लिए फारसी में एम. ए. करने के लिए परीक्षा पास करना आवश्यक है और अभियुक्त को उक्त परीक्षाओं में उपस्थित होने की अनुमति देकर उदारता दिखाई जानी चाहिए।

तनहा की ओर से पेश वकील सौजन्य शंकरन ने कहा कि उनके मुवक्किल के पास परीक्षा की तैयारी के लिए आवश्यक पठन सामग्री नहीं है। इस पर न्यायाधीश ने तिहाड़ जेल अधीक्षक को आवश्यक सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया, बशर्ते कि यह जेल नियमों की अनुमति के भीतर हो।

तनहा को 19 मई को मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था और तब से वह हिरासत में है। 21 अक्टूबर को जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में एम. ए. फारसी की प्रवेश परीक्षा देने के लिए उन्हें एक दिन की अंतरिम जमानत दी गई थी।

सितंबर में उनका नाम दिल्ली पुलिस द्वारा फरवरी में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की हिंसा के संबंध में दायर आरोप पत्र (चार्जशीट) में जोड़ा गया था। दिल्ली में फरवरी में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के समर्थक और विरोधियों के बीच झड़प के बाद स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई और राष्ट्रीय राजधानी के कई इलाकों में हिंसा देखने को मिली, जिसमें 53 लोग मारे गए और 748 लोग घायल हो गए।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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