Delhi : नाइट कर्फ्यू लगा तो दिन में भी सड़कों पर भीड़ घटी

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कोरोना का खतरा बढ़ने पर दिल्ली सरकार ने नाइट कर्फ्यू लगाया तो इसका असर दिन में भी दिखने लगा है। बुधवार को सेंट्रल दिल्ली की प्रमुख सड़कों पर वाहनों की संख्या कम दिखाई दी। मेट्रो के जिन प्रमुख स्टेशनों पर अमूमन भीड़ देखी जाती थी, वहां भी हलचल कम रही। मंडी हाउस, राजीव चौक जैसे मेट्रो स्टेशनों पर भीड़ पहले से कम दिखी। माना जा रहा है कि कोरोना के बढ़ते मामलों और सरकार की ओर से नाइट कर्फ्यू लगा दिए जाने से अब लोग बहुत जरूरी कार्य होने पर ही दिन में घर से निकल रहे हैं।

सेंट्रल दिल्ली में स्थित रेल भवन, कृषि भवन और शास्त्री भवन जैसे स्थानों के पास वाली सड़कों पर भी बुधवार को वाहनों और लोगों की संख्या कम दिखी। दोपहर से लेकर शाम तक यही हाल रहा। यात्रियों की संख्या कम होने से सेंट्रल दिल्ली में ऑटो चलाने वाले राजकुमार परेशान दिखे।

राजकुमार ने कहा, “लोगों में अब कोरोना का और डर फैल गया है। नाइट कर्फ्यू के कारण लोग कम निकल रहे हैं। पिछले साल कोरोना संकट के कारण रोजी-रोटी बुरी तरह प्रभावित हुई थी, किसी तरह से अब जिंदगी पटरी पर लौट रही है, लेकिन फिर से कोरोना का खतरा बढ़ने से पिछले साल की दशा में पहुंचने की आशंका डराती है।”

बता दें कि मंगलवार को दिल्ली में कोरोना के 5100 नए मामले सामने आए, वहीं पूरे देश में एक लाख 15 हजार केस दर्ज हुए। लगातार मामले बढ़ रहे हैं। महाराष्ट्र, पंजाब, कर्नाटक, केरल, छत्तीसगढ़, चंडीगढ़, गुजरात, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, दिल्ली और हरियाणा यानी कुल 11 राज्य कोरोना का सर्वाधिक खतरा झेल रहे हैं। कुल संक्रमण के 91 प्रतिशत मामले इन 11 राज्यों में हैं।

न्यूज सत्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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