दिल्ली सरकार टिड्डयों के हमले से निपटने को तैयार

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दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में टिड्डियों के हमले से निपटने के लिए जागरूकता अभियान शुरू किया और फसलों पर कीटनाशकों का छिड़काव करवाया। कैबिनेट मंत्री गोपाल राय ने यह जानकारी दी। राय ने कहा कि सरकार फसलों को नुकसान से बचाने के लिए उन पर कीटनाशकों का छिड़काव करा रही है।

राय ने ट्वीट किया, “कृषि विभाग की एक टीम जागरूकता फैलाने के लिए यहां के किसानों के साथ वार्ता सत्र कर रही है।”

दिल्ली सरकार ने गुरुवार को उत्तर भारत में टिड्डियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए कीटनाशकों के छिड़काव के लिए एक एडवाइजरी जारी की।

इसमें कहा गया, “जैसा कि टिड्डियों का झुंड आम तौर पर दिन में उड़ान भरता है, और रात के समय में आराम करते है, इसलिए टिड्डियों को विशेष रूप से रात के दौरान आराम नहीं करने देना चाहिए।”

सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि संबंधित अधिकारी छिड़काव उपकरण की मदद से रात के समय कीटनाशक का छिड़काव कर सकते हैं। छिड़काव के लिए सुझाए गए रसायन हैं- मेलाथियान 50 प्रतिशत ईसी, मेलाथियान 25 प्रतिशत डब्ल्यूपी, क्लोरपायरीफॉस 20 प्रतिशत ईसी और क्लोरपायरीफॉस 50 प्रतिशत ईसी।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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