Uttar Pradesh में बंधक बनाए गए दिल्ली के ठेकेदार को बचाया गया, 3 गिरफ्तार

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पत्थरों का व्यवसाय करने वाले दिल्ली के एक ठेकेदार को अपहरण के बाद सुरक्षित बचा लिया गया है। गौरतलब है कि व्यावसायी के कर्मचारी और उसके गुर्गों द्वारा बकाया राशि का भुगतान नहीं करने पर उनका अपहरण कर लिया गया था। मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह जानकारी दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को दी। व्यवसायी रमेश चंद्र की पत्नी ने पुलिस से शिकायत की थी कि वह 23 अक्टूबर को किसी काम के लिए उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी गए थे, जहां से अगले दिन उनका फोन आया कि उनका अपहरण कर लिया गया है।

मालवीय नगर पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 365 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

डीसीपी (दक्षिण) अतुल ठाकुर ने कहा, “तकनीकी निगरानी के आधार पर हमारी टीम सीतापुर जिले के रेसुआ पहुंची, जहां से पंचशील पार्क निवासी रमेश को बचाया गया।”

मामले में बुधवार को गिरफ्तार किए गए लोगों में रेसुआ निवासी इरफान और बबलू और बुलंदशहर जिले के जहांगीराबाद का अजीज अली है।

ऑफिसर ने आगे कहा, “इरफान ने बताया कि वह दिल्ली में रमेश के लिए काम करता था और दोनों में मजदूरी के भुगतान को लेकर कुछ विवाद था।”

रमेश को सबक सिखाने के लिए आरोपी ने अपहरण की योजना बनाई और रमेश को कुछ पत्थर के काम के कॉन्ट्रैक्ट के लिए लखीमपुर खीरी आने के लिए कहा। लखीमपुर पहुंचने पर उसका अपहरण कर लिया गया और किसी अज्ञात स्थान पर बंधक बना लिया गया।

आरोपियों ने कथित तौर पर फिरौती में 4 लाख रुपये की मांग की। अपराध में इस्तेमाल की गई एक कार को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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