Delhi : फोटो-वीडियो के साथ, ग्रीन ऐप पर कीजिए प्रदूषण की शिकायत

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दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए ‘ग्रीन दिल्ली’ ऐप लांच किया गया है। इससे दिल्ली में चलाए जा रहे ‘युद्ध, प्रदूषण के विरुद्ध’ अभियान में दिल्ली के नागरिक अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकेंगे। अभी यह ऐप एंड्रॉयड पर उपलब्ध है और दूसरे प्लेटफार्म पर लाने का प्रयास जारी है। मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने कहा, इसमें आप किसी भी तरह के प्रदूषण की शिकायत कर सकते हैं। कहीं आप जा रहे हैं और आपने कूड़ा जलते हुए देखा। वहीं पर आप उसकी फोटो खींचकर और वीडियो बनाकर ऐप पर अपलोड कर शिकायत कर दीजिए। कहीं पर यदि औद्योगिक प्रदूषण, वाहन प्रदूषण, निर्माण कार्य से धूल प्रदूषण हो रहा है या कहीं पर भी किसी भी तरह का प्रदूषण आप देख रहे हैं, तो आप इस ऐप के जरिए शिकायत कर सकते हैं। ऐप में आप वीडियो, ऑडियो और फोटो अपलोड कर सकते हैं। आप जहां से अपलोड करेंगे, तो आपकी स्वत: लोकेशन आ जाएगी और हमें पता चल सकेगा कि वह स्थान कहां स्थिति है, जहां धुंआ फैल रहा है।

आपकी शिकायत खुद बखुद ही उस विभाग के पास पहुंच जाएगी, जिस विभाग को उस पर कार्रवाई करनी है। उस विभाग को उस शिकायत के ऊपर तय समय सीमा के अंदर कार्रवाई करनी होगी। हर तरह की शिकायत को निस्तारित करने के लिए एक समय सीमा निर्धारित की गई है कि कौन शिकायत कितने घंटे या दिन में दूर होनी चाहिए और विभाग को उस शिकायत को निर्धारित समय के अंदर निस्तारित करनी होगी।

दिल्ली में कोई भी व्यक्ति प्ले स्टोर से यह ऐप अपने मोबाइल में डाउनलोड कर प्रदूषण पैदा करने वालों की शिकायत कर सकता है। संबंधित विभाग को ऐप पर प्राप्त शिकायतों का निस्तारण तय समय सीमा के अंदर करना होगा।

ऐप पर प्राप्त शिकायतों और उसके निस्तारण समेत सभी गतिविधियों की निगरानी ग्रीन वॉर रूम से की जाएगी। इन शिकायतों को निस्तारित करने में विभागों की मदद के लिए 70 ग्रीन मॉर्शल भी नियुक्त किए गए हैं।

केजरीवाल ने ग्रीन दिल्ली ऐप लांच करते हुए कहा, इस समय दिल्ली में प्रदूषण काफी ज्यादा हो गया है, पूरी दिल्ली के लोग प्रदूषण की वजह से काफी तकलीफ में हैं। दिल्ली सरकार और दिल्ली के लोग अपनी तरफ से प्रदूषण को कम करने के लिए कई कदम उठा रहे हैं। पिछले 5 सालों में भी हम सब लोगों ने मिलकर कई कदम उठाए, जिसकी वजह से दिल्ली में 25 प्रतिशत प्रदूषण कम भी हुआ।

इस साल भी दिल्ली सरकार ने कई सारे कदम उठाए हैं। जैसे- दिल्ली में जितने थर्मल पावर प्लांट थे उन्हें बंद कर दिया गया, उनकी वजह से प्रदूषण होता था। दिल्ली में 95 फीसदी उद्योग हैं, जो प्रदूषण फैलाने वाले ईंधन का इस्तेमाल करते थे, उनमें ईंधन बदल दिया गया है और अब वो नॉन-पोल्यूटिंग ईंधन का इस्तेमाल करते हैं। इस साल दिल्ली ने पराली को लेकर पूरे देश के लिए एक उदाहरण पेश किया है। बायो डिकंपोजर केमिकल का छिड़काव करके पराली को खाद बना दिया है। उसके अभी तक के नतीजे अच्छे आए हैं।

अगर यह सफल होता है, तो शायद पराली से जो धुआं उठता है, उसका अगले साल तक समाधान निकल आएगा। मुख्यमंत्री ने कहा, मैं उम्मीद करता हूं कि बाकी सरकारें भी इसका अनुसरण करेंगी। इस बार पूरे दिल्ली के सभी खेतों में इस घोल का छिड़काव करवाया है, उसके अभी तक के नतीजे अच्छे आए हैं। हमने इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी लॉन्च की है, जो पूरी दुनिया की सबसे प्रोग्रेसिव पॉलिसी है और हमने ट्री-ट्रांसप्लांटेशन पॉलिसी भी लॉन्च की है।

केजरीवाल ने कहा, हम ‘ग्रीन दिल्ली’ ऐप लांच कर रहे हैं। हमारा मकसद है कि दिल्ली के एक-एक नागरिक को प्रदूषण के खिलाफ अभियान ‘युद्ध, प्रदूषण के विरुद्ध’ में शामिल किया जाए।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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