Delhi : मास्क बनाने वाली फैक्ट्री में आग लगने से 1 की मौत

0

दिल्ली में शनिवार अल सुबह मास्क बनाने की फैक्ट्री में आग लग गई, जिसकी चपेट में आकर एक 45 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी।

दिल्ली फायर सर्विस के निदेशक अतुल गर्ग ने कहा, “अग्निशमन विभाग को अल सुबह करीब 3.54 बजे फोन आया। दमकल की छह गाड़ियों को फौरन घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।”

मास्क निर्माण कारखाने में तीसरी मंजिल पर रखी मशीनों और कच्चे माल ने आग पकड़ ली थी। डीएफएस कर्मचारियों द्वारा बचाए गए तीन लोगों को अस्पताल ले जाया गया, जहां जुगल किशोर ने दम तोड़ दिया।

आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleहम अनजाने में नए जमाने की मनोरंजन क्रांति का हिस्सा बन गए हैं: Barun Sobti
Next articleShani dev upay: शनिवार को करें ये अचूक उपाय, बनी रहेगी शनिदेव की कृपा
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here