इस मंदिर में पांच साल से पानी से जल रहा है दीपक

जयपुर। भारत देश में अनेक ऐसिहासिक और प्राचीन मंदिर स्थित है। जो अपनी स्थापत्य कला के लिए जाने जाते है। इन प्राचीन मंदिरों को देखने और इनका इतिहास जानने कि लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। इन मंदिरों ने बहुत सारे रहस्य छिपे है जिन्हें अभी तक वैज्ञानिक भी नहीं सुलझा पाए हैं।

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जयपुर। भारत देश में अनेक ऐसिहासिक और प्राचीन मंदिर स्थित है। जो अपनी स्थापत्य कला के लिए जाने जाते है। इन प्राचीन मंदिरों को देखने और इनका इतिहास जानने कि लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। इन मंदिरों ने बहुत सारे रहस्य छिपे है जिन्हें अभी तक वैज्ञानिक भी नहीं सुलझा पाए हैं।

हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे मे बताने जा रहे है जिसका रहस्य अभी तक वैज्ञानिक भी नहीं सुलझा पाए हैं। यह रहस्यमय माता का मंदिर कालीसिंध नदी के किनारे स्थित है। । इस मंदिर की अनोखी विशेषता है। इस मंदिर में घी और तेल की जगह पानी से दीपक जलाया जाता है।

इस मंदिर की अनोखी विशेषता का कारण यहां भक्तों के बीच उत्सुकता बनी हुई है। इस मंदिर में लोग मन्नत का दीपक जलाते है और उनकी मनोकामना पूरी हो जाती है। यह मंदिर कालीसिंध नदी के किनारे स्थित है। इस मंदिर को गडियाघाट वाली माता का मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। मंदिर के पुजारी का कहना है कि मंदिर में पहले तेल का दीपक जलता था। लेकिन करीब पांच साल पहले माता ने सपने में मुझे दर्शन दिए और कहा कि तुम अब पानी का दीपक जलाओ।

 

माता का आदेश मानकर मैंने पानी का दीपक जलाया जो जलने लगा और तभी से यह दीपक जल रहा है। इस मंदिर की अनोखी विशेषता है कि इस दीपक को जलाने के लिए कालीसिंध नदी के पानी का उपयोग किया पानी जाता है। बरसात के दिनों मे यह मंदिर पानी में डूब जाता है जिससे दीपक को बुझ जाता है। बरसात खत्म होने के बाद इस दीपक को दोबारा शारदीय नवरात्र के पहले दिन जलाते हैं जो फिर दोबारा बारिश होने तक जलता रहता है।

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