अयोध्या पर फैसला निराशाजनक : आईयूएमएल

0
31

कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा के दूसरे सबसे बड़े सहयोगी दल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने सोमवार को अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ‘निराशाजनक’ करार दिया। आईयूएमएल के राष्ट्रीय नेतृत्व की यहां हुई बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए पार्टी के वरिष्ठ सांसद पी.के.कुन्हालीकुट्टी ने कहा कि यह फैसला एक घाव है।

कुन्हालीकुट्टी ने कहा, “कई कारणों से यह बहुत ही निराशाजनक फैसला है। इसमें बहुत विरोधाभास हैं और इसलिए क्या किया जाना चाहिए, इस पर ज्यादा चर्चा की जरूरत है।”

फैसला आने पर शनिवार को आईयूएमएल के सुप्रीमो हैदराली शिहाब थंगल ने कहा था कि वह फैसले को स्वीकार करेंगे और इसको लेकर कोई गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleरत्नशास्त्र: जानिए माणिक्य रत्न धारण करने के नियम और सावधानियां
Next articleवनडे टीम में वापसी के लिए अजिंक्य रहाणे के पास है ये खास योजना
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here