दक्षिण दिल्ली में 12 साल के बच्चे का शव मिला

0
165

दक्षिण दिल्ली के अर्जनगढ़ वायुसेना अड्डे के पीछे एक तालाब से 12 साल के एक बच्चे का शव बरामद हुआ। पुलिस ने शनिवार को कहा कि मृतक की पहचान आया नगर निवासी शुभम कुमार के रूप में हुई है, जिसका शव आयानगर में अर्जनगढ़ वायुसेना अड्डे के पीछे जंगल में एक तालाब से बरामद हुआ।

पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) विजय कुमार ने कहा, “शुक्रवार शाम शुभम के पिता मदन लाल गोठवाल ने पुलिस को सूचित किया कि उनका बेटा स्कूल से घर नहीं लौटा है। उसके बाद आसपास के इलाकों में खोज-बीन की गई, लेकिन कुछ पता नहीं चला। शनिवार सुबह 8.30 बजे कुमार का शव एक राहगीर ने देखा।”

पुलिस ने कहा कि बच्चे का स्कूल बैग और यूनिफार्म तालाब के बाहर पड़ा पाया गया। उसके शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं था।

पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, “शव को एम्स के शवगृह में रखा गया है, रविवार सुबह पोस्टमार्टम किया जाएगा। प्रथमदृष्ट्या लगता है कि बच्चा तालाब में डूब गया और खुद को बचा नहीं सका।”

पुलिस ने कहा कि शुभम कक्षा छह का छात्र था और उसके पिता राजस्थान के टोंक के निवासी थे और आयानगर में एक राजगीर के रूप में काम करते थे।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleब्रिटेन के बाद जर्मनी ने कश्मीर यात्रा के खिलाफ परामर्श जारी किए
Next articleपीकेएल-7 : लगातार 4 जीत के साथ जयपुर शीर्ष पर
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here