पाकिस्तान सुपर लीग में खेलेंगे डिविलियर्स

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अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके दक्षिण अफ्रीका के करिश्माई बल्लेबाज अब्राहम डिविलियर्स अगले साल पाकिस्तान सुपर लीग में हिस्सा लेंगे। उन्होंने ट्विटर के जरिए यह जानकारी दी। दक्षिण अफ्रीका के लिए 34 वर्षीय डिविलियर्स ने 114 टेस्ट, 228 वनडे और 78 टी-20 मैच खेले थे। उन्होंने कुछ महीने पहले ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी।

डिविलियर्स ने शुक्रवार को ट्वीट किया, “यह पीएसएल का समय है, इसलिए फरवरी में पार्टी होगी।” अभी यह पता नहीं चल पाया है कि डिविलियर्स कौन सी टीम का हिस्सा होंगे।

पीएसएल ने भी आधिकारिक रूप से ट्वीट कर डिविलियर्स के लीग में शामिल होने की पुष्टि की। पीएसएल ने लिखा, “दक्षिण अफ्रीका के महान बल्लेबजों में से एक अब पीएसएल का हिस्सा हैं! डिविलियर्स का स्वागत है।”

डिविलियर्स भारत में बेहद लोकप्रीय हैं और पिछले कई वर्षो से इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की टीम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर का अहम हिस्सा रहे हैं। उन्होंने आईपीएल में 141 मैचों में 3953 रन बनाए हैं। इसमें तीन शतक और 28 अर्धशतक भी शामिल हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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