डैनफॉस इंडिया ने इस साल 500 करोड़ रुपये के निर्यात का रखा लक्ष्य

0
82

डेनमार्क की कंपनी डेनफॉस ए/एस की भारतीय सहयोगी कंपनी ने यहां से 500 करोड़ रुपये के उत्पादों का निर्यात करने की योजना बनाई है। इसके अलावा कंपनी अपने विस्तार पर भी विचार कर रही है। कंपनी के शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी। डैनफॉस इंडिया के अध्यक्ष रविचंद्रन पुरुषोत्तम ने आईएएनएस से कहा, “इस साल हमारा निर्यात करीब 500 करोड़ रुपये का होगा, जो साल 2018 में 430 करोड़ रुपये का था। भारतीय संयंत्र अब रेफ्रिजेशन नियंत्रण उत्पादों का वैश्विक केंद्र है। हम अब चीन और अमेरिका में भी विस्तार कर रहे हैं।”

डैनफॉस इंडिया छह अरब डॉलर की कंपनी डैनफॉस ए/एस के पूर्ण स्वामित्व वाली भारतीय इकाई है। कंपनी पॉवर सोल्यूशंस, कूलिंग, ड्राइव्स और हीटिंग क्षेत्रों में कंपोनेटे्स का निर्माण करती है और ओरिजिनल इक्विपमेंट मैनुफैक्चर्स को आपूर्ति करती है।

पुरुषोत्तम के मुताबिक, आधिकारिक मंजूरी मिलते ही डैनफॉस इंडिया मेड-इन-इंडिया ड्राइव्स की बिक्री शुरू कर देगी।

डैनफॉस इंडिया ने हाल ही में अपनी क्षमता का विस्तार किया है और हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग (एचवीएसी) मशीनों के लिए लो वोल्टेज ड्राइव भी बनाने लगी है।

पुरुषोत्तम ने कहा, “हमने अपने 100 करोड़ रुपये के निवेश का 80 फीसदी क्षमता विस्तार में लगाया है और बाकी की रकम प्रयोगशालाओं की स्थापना में लगाई जा रही है।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleसिर्फ यहां देखें बॉलीवुड के सितारों के साथ अटल बिहारी की अनदेखी तस्वीरें
Next articleजिओ गीगाफाइबर प्रभाव: एयरटेल दे रहा है 224 दिनों के लिए रोज 1.5GB डेटा फ्री
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here