दमन होगा केंद्र शासित प्रदेश दादरा नगर हवेली, दमन दीव की राजधानी

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केंद्र शासित दमन दीव और दादर व नगर हवेली की राजधानी दमन होगी। यह फैसला मोदी कैबिनेट की बुधवार को हुई बैठक में लिया गया। संसद ने 3 दिसंबर को दादर नगर हवेली और दमन व दीव के दो केंद्र शासित प्रदेशों को विलय करने के लिए दादर व नगर हवेली और दमन दीव (केंद्र शासित प्रदेशों का विलय) विधेयक, 2019 पारित किया।

कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, केंद्रीय वस्तु और सेवा कर अधिनियम, 2017 को केंद्रीय वस्तु और सेवा कर (संशोधन) विनियमन, 2020 द्वारा संशोधित किया गया। केंद्र शासित प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 को और केंद्र शासित वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विनियमन, 2020 द्वारा संशोधित किया जाएगा और दादरा और नगर हवेली वैल्यू एडेड टैक्स विनियमन, 2005 को दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव वैल्यू एडेड टैक्स (संशोधन) विनियमन, 2020 द्वारा संशोधित किया जाएगा।

कैबिनेट ने यह भी निर्णय लिया कि दमन और दीव वैल्यू एडेड टैक्स विनियमन, 2005 को दमन और दीव वैल्यू एडेड टैक्स (निरसन) विनियमन, 2020 के जरिए हटाया जाएगा।

गोवा, दमन और दीव उत्पाद शुल्क अधिनियम, 1964 को हटाकर दादरा और नगर द्वारा संशोधित किया जाएगा।

न्यूज सत्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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