फसल बीमा योजना किसानों के साथ बड़ा मजाक : योगेंद्र यादव

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स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष व किसान नेता योगेंद्र यादव ने गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना देश के किसान के साथ सबसे बड़ा मजाक है। उन्होंने कहा कि यह किसान का नहीं बैंकों की बीमा है जिसमें यह सुनिश्चित किया जाता है कि बैंकों द्वारा किसानों को दिया गया कर्ज कहीं डूब न जाए।

योगेंद्र यादव ने अपनी स्वराज यात्रा के पांचवें दिन गुरुवार को ‘फसल बीमा भंडा फोड़ दिवस’ मनाया। अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने रेवाड़ी के भड़गी गांव से होकर बालावास होते हुए दोपहर मोहमदपुर पहुंचे।

यादव ने कहा, “दुनिया में कहीं भी ऐसी बीमा योजना नहीं है जिसमें बीमा जबरदस्ती करवाई जाती है और बीमा धारक को पता भी नहीं चलता है। बीमा का दावा करने में भी काफी पेंच है।”

उन्होंने कहा, “हरियाणा में ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा’ के साथ 2016-17 में बीमा करवाना अनिवार्य हो गया। जिन किसानों के पास किसान क्रेडिट कार्ड है या जिन्होंने को-ऑपरेटिव सोसाइटी से लोन लिया है उनका बिना पूछे बीमा का प्रीमियम काट लिया जाता है। किसानों ने बताया कि जिन्होंने एक से ज्यादा बैंक से लोन लिया है तो उनका प्रीमियम सभी बैंकों ने काट लिया है। लेकिन बीमा भुगतान की शर्ते इतनी टेढ़ी है कि किसान के लिए दावा करना लगभग असंभव है।” यादव ने यह बात स्वराज इंडिया की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कही।

उन्होंने कहा, “कई फसलों को बीमा की कवर से बाहर रखी गई है। बीमा की इकाई पूरा गांव है। जबतक पूरे गांव में फसल का नुकसान न हो तब तक किसी किसान को बीमा का क्लेम नहीं मिलता है। इससे बीमा कंपनियो की चांदी हो गयी है। पिछले साल हरयाणा में बीमा कंपनियों को 362 करोड़ रुपये का प्रीमियम मिला लेकिन किसानों को 220 करोड़ रुपये का क्लेम दिया गया और कंपनियों को 122 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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