फसल बीमा योजना किसानों के साथ बड़ा मजाक : योगेंद्र यादव

0
146

स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष व किसान नेता योगेंद्र यादव ने गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना देश के किसान के साथ सबसे बड़ा मजाक है। उन्होंने कहा कि यह किसान का नहीं बैंकों की बीमा है जिसमें यह सुनिश्चित किया जाता है कि बैंकों द्वारा किसानों को दिया गया कर्ज कहीं डूब न जाए।

योगेंद्र यादव ने अपनी स्वराज यात्रा के पांचवें दिन गुरुवार को ‘फसल बीमा भंडा फोड़ दिवस’ मनाया। अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने रेवाड़ी के भड़गी गांव से होकर बालावास होते हुए दोपहर मोहमदपुर पहुंचे।

यादव ने कहा, “दुनिया में कहीं भी ऐसी बीमा योजना नहीं है जिसमें बीमा जबरदस्ती करवाई जाती है और बीमा धारक को पता भी नहीं चलता है। बीमा का दावा करने में भी काफी पेंच है।”

उन्होंने कहा, “हरियाणा में ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा’ के साथ 2016-17 में बीमा करवाना अनिवार्य हो गया। जिन किसानों के पास किसान क्रेडिट कार्ड है या जिन्होंने को-ऑपरेटिव सोसाइटी से लोन लिया है उनका बिना पूछे बीमा का प्रीमियम काट लिया जाता है। किसानों ने बताया कि जिन्होंने एक से ज्यादा बैंक से लोन लिया है तो उनका प्रीमियम सभी बैंकों ने काट लिया है। लेकिन बीमा भुगतान की शर्ते इतनी टेढ़ी है कि किसान के लिए दावा करना लगभग असंभव है।” यादव ने यह बात स्वराज इंडिया की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कही।

उन्होंने कहा, “कई फसलों को बीमा की कवर से बाहर रखी गई है। बीमा की इकाई पूरा गांव है। जबतक पूरे गांव में फसल का नुकसान न हो तब तक किसी किसान को बीमा का क्लेम नहीं मिलता है। इससे बीमा कंपनियो की चांदी हो गयी है। पिछले साल हरयाणा में बीमा कंपनियों को 362 करोड़ रुपये का प्रीमियम मिला लेकिन किसानों को 220 करोड़ रुपये का क्लेम दिया गया और कंपनियों को 122 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleसाइबर अपराध की शिकायतों के लिए वेबसाइट लांच करेगा गृह मंत्रालय
Next articleविबंलडन : दिविज शरण पुरुष युगल के दूसरे दौर में, हालेप भी जीतीं
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here