Uttar Pradesh : फेस रिकग्निशन कैमरे से नहीं बच पाएंगे अपराधी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में अब अपराधियों की खैर नहीं। उसकी पहचान तुरंत फेस रिकॉग्निशन कैमरे में आ जाएगी। ये कैमरे इतने कारगार हैं कि अपराधियों की कई साल पुरानी फोटो की भी पहचान कर लेंगे। यदि कोई भेष बदलने में माहिर है तो भी ये हाईटेक कैमरे उसकी पहचान बता देंगे। वीडियो एनालिटिक्स के माध्यम से पूरे जिले के चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जाएगी। लाखों की भीड़-भाड़ हो या ठंड का मौसम, सभी परिस्थियों में ये कैमरे शातिर अपराधियों की पहचान करके पुलिस तक सूचना दे देंगे।

क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (सीसीटीएनए) जून 2009 में शुरू की गई एक परियोजना है, जिसका उद्देश्य पुलिस स्टेशन स्तर पर पुलिसिंग की दक्षता और प्रभावशीलता को बढ़ाने के लिए एक व्यापक और एकीकृत प्रणाली बनाना है। सीसीटीएनएस भारत सरकार की राष्ट्रीय ई-गवर्नेस योजना के तहत एक मिशन मोड प्रोजेक्ट है। थानों से अपराधियों के डाटा लिए जाएंगे (लिंक किया जाएगा) साथ ही लोकल स्तर पर भी अपराधियों के डाटा फीड किया जाएगा, जिससे अपराधियों की पहचान हो सके।

स्मार्ट सिटी के सीईओ और नगर आयुक्त गौरांग राठी ने बताया कि भारतीय, यूरोपीय और अमेरिकी टेक्नोलॉजी का उपयोग करके इसे लगाया जा रहा है। इसके लिए 125 करोड़ रुपये की लागत से 500 किलोमीटर तक ऑप्टिकल फाइबर बिछाई जाएगी और 700 अलग-अलग जगहों पर 3000 कैमरे लगाए जाएंगे, जिसमें से 22 कैमरे फेस रिकग्निशन सिस्टम के लिए होंगे। इनकी संख्या जरूरत के हिसाब से बढ़ाई भी जा सकती है। शहर की विभिन्न गतिविधियों की रीयल टाइम रिकॉर्ड होगी जो सिक्योरिटी और सेफ्टी के लिए काफी महत्वपूर्ण होगी।

कैमरे लगाने वाली कंपनी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर साहिल व वाराणसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड के जनरल मैनेजर प्रोजेक्ट्स एंड कोआर्डिनेशन डॉ. डी. वासुदेवन ने बताया कि फेस अलॉगर्थिम डाटा बेस में मौजूद फोटो का कैमरे से ली गई तस्वीर से मिलान करेगा और उसकी विशेष पहचान कोडिंग और नाम के माध्यम से बता देगा।

ये कैमरे करीब 7.5 मीटर की दूरी से अपराधियों की पहचान कर लेंगे। इसकी सूचना वे काशी इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सिस्टम में बैठे एक्सपर्ट पुलिसकर्मियों को देंगे। इसके तुरंत बाद संबंधित थाना पुलिस के पुलिसकर्मी अपराधी को दबोच लेंगे। सर्विलांस सिस्टम जुलाई 2020 से शुरू हुआ। ये प्रोजेक्ट अप्रैल 2021 में पूरा हो जाएगा।

वाराणसी के एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि यह सरकार की अच्छी पहल है और इससे क्राइम कंट्रोल में काफी मदद मिलेगी। धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी हमेशा से आतंकियों के निशाने पर रही और कई आतंकी हमले भी झेल चुकी है। पूर्वांचल का व्यावसयिक हब होने की वजह से काशी से कई तरह की आपराधिक गतिविधियां भी संचालित होती हैं और पूर्वाचल में अक्सर गैंगवार भी होता रहा है। ऐसे में फेस रिकग्निशन सिस्टम अपराधियों और असामजिक तत्वों को उनकी सही जगह पहुंचाने में कारगर साबित होगी।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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