बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के साथ आई सीपीआई (एम एल)

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धीरेंद्र झा के नेतृत्व वाली कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सवादी लेनिनवादी) ने सोमवार को राष्ट्रीय जनता दल के राज्य प्रमुख जगदानंद सिंह एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता भोला यादव के साथ बैठक कर बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के साथ जुड़ने का फैसला लिया। हालांकि पिछले हफ्ते सीट बंटवारे को लेकर दोनों पार्टियों के बीच बात ना बनने के कारण सीपीआई-एमएल ने राजद से अलग होकर चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी थी, राजद के वरिष्ठ नेता भोला यादव ने कहा था की कुछ अनसुलझे छोटे मुद्दे को अगले दौर की बैठक में सुलझा लिया जाएगा।
सीपीआई -एम एल लगभग दो दर्जन से अधिक सीटों पर अपना दावा कर रहा है, महागठबंधन की अनेक पार्टियों को यह बंटवारा गले नहीं उतर रहा।
धीरेंद्र जाने इस संबंध में कहा की पार्टी में आरजेडी के साथ भाजपा जेडीयू गठबंधन को हराने के लिए व्यापक वाम एकता के लिए बातचीत को फिर से शुरू किया है। सीपीआई एमएल के नेता में बातचीत के बाद कहा कि हमने एक सम्मानजनक समझौते की उम्मीद के साथ महागठबंधन में शामिल होने के लिए अपनी सहमति दी है।
सीपीआई एमएल के पास 2015 के विधानसभा चुनाव में कुल मतदान का 1.5% वोट था और उनके पास कुल 3 विधायक थे।
इस बीच तेजस्वी यादव ने दिल्ली में कांग्रेस नेताओं से मिलने और गठबंधन सहयोगियोंके बीच एक या 2 दिन में सीटों के लिए अंतिम बैठक में शामिल होने का फैसला किय। बिहार में कुल 243 विधानसभा सीटें हैं जिसमें से 150 पर खुद राजद लड़ना चाहता है, जबकि 80 सीटों पर कांग्रेस अपने उम्मीदवार उतारना चाहता है।
समाजवादी पार्टी ने किसी से गठबंधन ना करते हुए राजद को समर्थन किया फैसला।
उत्तर प्रदेश के मुख्य राजनीतिक दलों में से एक समाजवादी पार्टी ने सोमवार की रात अपने ऑफिशियल टि्वटर अकाउंट से ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी की वाह किसी दल से गठबंधन नहीं कर रहे हैं बल्कि राजद के उम्मीदवारों को अपना समर्थन दे रहे हैं।

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