देश का निर्यात 20 फीसदी, आयात 15 फीसदी बढ़ा

0
173

देश के निर्यात में मई में 20.18 फीसदी बढ़ोतरी दर्ज की गई है और यह 28.86 अरब डॉलर रहा, जबकि पिछले साल के इसी महीने में कुल 24.01 अरब डॉलर का निर्यात किया गया था। वहीं, देश के आयात में मई में 14.85 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, पेट्रोलियम उत्पादों, कार्बनिक और अकार्बनिक रसायनों और ड्रग्स तथा फार्मा उत्पादों के निर्यात में सर्वाधिक तेजी दर्ज की गई।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “गैर-पेट्रोलियम और गैर-रत्न व आभूषण निर्यात मई में कुल 19.94 अरब डॉलर का रहा, जबकि साल 2017 के मई में यह 17.51 अरब डॉलर था। इसमें 13.85 फीसदी की सकारात्मक वृद्धि दर दर्ज की गई है।”

आकंड़ों के मुताबिक, समीक्षाधीन अवधि में देश के आयात में 14.85 फीसदी की वृद्धि हुई और कुल 43.48 अरब डॉलर का आयात किया गया। वहीं, 2017 के मई में कुल 37.86 अरब डॉलर का आयात किया गया था।

मई में तेल के आयात में 49.46 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई और यह 11.50 अरब डॉलर की रहा, जबकि 2017 के मई में कुल 7.69 अरब डॉलर का तेल आयात किया गया था।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleतो इस तरह आसमान से निकलेगा सोना
Next articleसूर्य के तूफान से पृथ्वी को है सबसे बड़ा खतरा
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here