छत्तीसगढ़ में पार्षद चुनेंगे महापौर और पालिकाध्यक्ष, मसौदा तैयार

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छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनावों में महापौर, नगर पािलका अध्यक्ष और नगर पंचायत अध्यक्षों का चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाने का मसौदा तैयार हो चुका है। इसका आशय यह है कि पार्षद का चुनाव जनता करेगी और महापौर, अध्यक्ष का चुनाव पार्षद करेंगे। इसे लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राज्य सरकार ने नगरीय निकाय चुनाव कराए जाने को लेकर मंत्रियों की एक उपसमिति बनाई थी। इस समिति ने मसौदा तैयार कर लिया है, जिसके मुताबिक महापौर, पालिका अध्यक्ष और नगर पंचायत अध्यक्ष का चुनाव पार्षद करेंगे। इस मसौदे को कैबिनेट में रखा जाएगा। इस बात की पुष्टि समिति के सदस्य और कैबिनेट मंत्री शिव डेहरिया ने की है।

लेकिन, भाजपा ने इस फैसले का विरोध करने का निर्णय लिया है। पार्टी के एक नेता ने कहा कि भाजपा बुधवार 16 अक्टूबर को एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन मोतीबाग के पास करेगी। धरना के पश्चात एक प्रतिनिधिमंडल सरकार के फैसले के खिलाफ राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपेगा और उनसे आग्रह करेगा कि वह इस अध्यादेश पर अपनी सहमति प्रदान न करें।

भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस सरकार अपनी विफलता से डरी हुई है, और इसी कारण जनता से सीधे अध्यक्ष व महापौर चुनने का अधिकार छीनना चाहती है, जिसका हर स्तर पर विरोध करने का निर्णय भाजपा ने किया है।

कांग्रेस ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा, “भारत की संसदीय प्रणाली में प्रधानमंत्री का चुनाव जनता द्वारा निर्वाचित सांसद और मुख्यमंत्री का चुनाव विधायक करते हैं तो पार्षदों द्वारा महापौर के चुने जाने पर भाजपा को आपत्ति क्यों है? भाजपा जान चुकी है कि उसके पार्षद जीत कर नहीं आने वाले हैं, इसीलिए वह विरोध कर रही है।”

उन्होंने आगे कहा, “राजनीति में सक्रिय छोटे और आम कार्यकर्ता प्रत्यक्ष प्रणाली में महापौर हेतु चुनाव क्षेत्र बड़ा होने और खर्चीली चुनाव प्रक्रिया के चलते सीधे तौर पर महापौर का चुनाव नहीं लड़ पाते और इस प्रकार से सक्रिय प्रतिभावान कार्यकर्ता पीछे रह जाते हैं। पार्षदों के माध्यम से महापौर के निर्वाचन में ऐसे ऊर्जावान कार्यकर्ताओं को अपनी काबिलियत साबित करने का मौका मिलेगा, जो स्वागत योग्य है। खरीद-फरोख्त की संभावना के आधार पर विरोध करने वाली भाजपा यह न भूले कि मोदी दो बार इसी प्रणाली से तो चुने गए हैं।”

न्यूज सत्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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