कोरोनावायरस : चीन में महामारी की रोकथाम के लिए पैसे कहां से आए?

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कोरोना वायरस (कोविड-19) की रोकथाम के लिए चिकित्सकों और स्वयं सेवकों के वायरस से जूझने के अलावा पैसे भी बहुत जरूरी हैं, जो इस संघर्ष में विजय पाने के लिए जरूरी था। ऐसे में सवाल उठता है कि पैसे कहां से आए। चिकित्सक उपचार, सुरक्षात्मक उपकरणों व सामग्री की खरीदारी, चिकित्सकों की भत्ता, सार्वजनिक क्षेत्रों की सफाई आदि के लिए पैसे की आवश्यक्ता होती है। 23 जनवरी को चीनी वित्त मंत्रालय ने हूबेई प्रांत के रोकथाम कार्य के लिए 1 अरब चीनी युआन दिए। इस के बाद चीनी केंद्र सरकार ने हुबेई को दोबारा पैसे दिए, जिनकी मात्रा 4 अरब चीनी युआन है। 14 फरवरी तक चीनी केंद्र सरकार ने रोकथाम कार्य के लिए कुल 25.2 अरब चीनी युआन निकाले और स्थानीय सरकारों ने 64.8 अरब चीनी युआन दिए। कुल 90 अरब चीनी युआन का मतलब है कि इससे 36 एयरबस ए380 खरीदे जा सकते हैं।

महामारी से जूझने के लिए बैंकिंग उद्योग ने भी अहम भूमिका अदा की। बैंक पूंजी ट्रांसफर करने का मुख्य माध्यम है। चीनी बैंकिंग उद्योग सोसाइटी के आंकड़े बताते हैं कि 20 फरवरी के दोपहर 12 बजे तक विभिन्न बैंकों ने 7.94 खरब चीनी युआन का कर्ज देकर रोकथाम कार्य का समर्थन किया, जिस की मात्रा पिछले साल चीन के शांगहाई शहर की कुल आमदनी को भी पार कर गई।

बीमा उद्योग सोसाइटी के आंकड़े बताते हैं कि 19 फरवरी तक चीन के बीमा उद्योगों ने महामारी के लिए कुल 5.015 करोड़ चीनी युआन का मुआवजा दिया। साथ ही चीनी बीमा उद्योग ने हुबेई के उद्यमों के लिए पूंजी समर्थन भी दिया।

महामारी के प्रकोप के दौरान चीनी शेयर बाजार और बांड बाजार ने भी एक अहम शक्ति बनकर कुल 20.8 अरब चीनी युआन का वित्तपोषण किया और 32 बांड जारी किए।

महामारी को देखते हुए समाज के विभिन्न तबकों ने भी दान देकर समर्थन किया। हूबेई प्रांत में 472 सीपीसी पार्टी सदस्यों ने स्वेच्छा से 1.45 लाख चीनी युआन का दान दिया। फूच्येन के छ्वेनचो शहर में अनेक स्कूलों के छात्रों ने दो दिनों में 2.24 लाख युआन का चंदा दिया। चाइना मीडिया ग्रुप ने 20 फरवरी को 3.1 अरब चीनी युआन के मूल्य वाली एक परोपकार गतिविधि का आयोजन किया और चिकित्सकों और उन के बच्चों को सहायता दी।

20 फरवरी को चीनी चैरिटी फेडरेशन ने कोविड-19 के रोकथाम कार्य के लिए 29.424 हजार चीनी युआन का दान स्वीकार किया, जिन में 20 हजार चीनी युआन प्रभावित लोगों को दिये जा चुके हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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