कोरोना पॉजिटिव शिक्षकों को देंगे मदद : रमेश पोखरियाल निशंक

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केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने शुक्रवार को देशभर के अनेक विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, विद्यालयों, अध्यापकों एवं छात्रों से देश एवं दुनियाभर में फैले कोरोना वायरस महामारी के बारे में वीडियो कॉन्फेंसिंग के जरिये बात की। उन्होंने कोरोना पॉजिटिव शिद्वाकों को मदद का भरोसा दिया। निशंक ने सभी अध्यापकों को यह भी आश्वासन दिया कि अगर वे खुद या उनके परिवार का कोई भी सदस्य दुर्भाग्यवश बीमार हो गया तो वे अपने प्रधानाचार्य या कुलपति से संपर्क करें। केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया कि मंत्रालय की ओर से सभी को संपूर्ण चिकित्सकीय सहायता प्राप्त करवाई जाएगी।

इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने न सिर्फ उनकी समस्याओं को सुना, बल्कि इस महामारी से लड़ने के लिए किए जाने वाले उपायों पर लोगों को जागरूक करने में उनकी भूमिका पर उनका आभार भी व्यक्त किया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में केंद्रीय मंत्री के साथ देशभर से 800 से अधिक लोग जुड़े।

निशंक ने कहा, “मैं देशभर के 1000 विश्वविद्यालयों, 45000 महाविद्यालयों, 15 लाख विद्यालओं, एक करोड़ से अधिक शिक्षकों एवं 33 करोड़ से अधिक छात्रों का आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने कोरोनावायरस जैसी महामारी से लड़ने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सभी लोगों ने इस संकट की घड़ी में न सिर्फ अभूतपूर्व धैर्य का परिचय दिया है, बल्कि लोगों को भी इस महामारी के खिलाफ जागरूक किया है, ताकि वे स्वस्थ रह सकें और समाज में इस महामारी की वजह से ज्यादा नुकसान न हो।”

सभी अध्यापकों का अभिनंदन करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह सभी शिक्षकों की प्रतिबद्धता ही है कि देश में इतने कम समय में ऑनलाइन शिक्षण प्रणाली शुरू हो गई, जिसका लाभ करोड़ों विद्यार्थी उठा रहे हैं।

पोखरियाल ने देशभर की आईआईटी समेत सभी श्रेष्ठ संस्थाओं को कोरोनावायरस से लड़ाई में उपयोग में लाई जाने वाली चिकित्सा उपकरणों को तैयार करने के लिए बधाई दी।

इस दौरान निशंक ने सभी अध्यापकों एवं छात्रों की समस्याओं को भी ध्यान से सुना। मंत्री ने कहा, “मंत्रालय उनकी सभी समस्याओं से अवगत है और उन्होंने सभी को आश्वासन दिया कि न सिर्फ मानव संसाधन मंत्रालय, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी देशभर के अध्यापकों एवं छात्रों के साथ खड़े हुए हैं।”

मानव संसाधन विकास मंत्री ने सभी से यह भी आग्रह किया कि सभी शिक्षक एवं छात्र न सिर्फ खुद आयुष मंत्रालय द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें, बल्कि अन्य लोगों भी इसका पालन करने के लिए प्रेरित करते रहें।

उन्होंने कहा, “आज के छात्र ही कल के भविष्य हैं और अगर छात्र पूरी तत्परता के साथ इस समय खुद को स्वस्थ रखेंगे तो हमारा भविष्य भी स्वस्थ एवं सुरक्षित रहेगा।”

निशंक ने सभी से कहा, “आप सभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान पर 5 अप्रैल को रात 9 बजे अपने-अपने घरों पर दीया, मोमबत्ती, मोबाइल की टॉर्च इत्यादि जलाकर देश की एकता और अखंडता का परिचय दें।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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