देश में कोरोना मरीजों की संख्या 4421 हुई, 114 लोगों की हो चुकी है मौत

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भारत में कोरोना वायरस का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार सुबह जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक मरीजों की संख्या 4421 हो गई है जबकि अभी तक 114 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 326 लोगों का उपचार हो चुका है और अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी है। पिछले 24 घंटे में 5 मौत और 354 नए मरीज सामने आए हैं। ध्यान रहे कि सोमवार शाम तक पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के संक्रमण के सर्वाधिक 704 नये मामले सामने आये थे। इसके साथ ही कोविड-19 से प्रभावित लोगों की संख्या 4,281 हो गई थी। जबकि मृतकों की संख्या 111 पर पहुंच गई थी।

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक जारी आंकड़ों के मुताबिक आंध्र प्रदेश में 266 लोग कोरोना संक्रमित हैं। एक को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और तीन लोगों की मौत हुई है।

अंडमान में 10, अरुणाचल प्रदेश में 1 और असम में 26 कोरोना पीड़ित लोग हैं। उधर बिहार में कोरोना से पीड़ित लोगों की संख्या 32 हो गई है, जबकि एक आदमी की मौत हो गई है। चंडीगढ़ में जाकर 18 पहुंच गया है, जबकि छत्तीसगढ़ में आंकड़ा 10 पहुंचा है।

इस बीच, राजधानी दिल्ली में इस संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अब तक स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक 523 लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं, 19 लोगों को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है जबकि 7 लोगों की मौत हुई है।

गोवा में 7 लोग इस बारिश से पीड़ित हैं। उधर, गुजरात में यह संख्या 144 पहुंच गई है, जहां 22 लोग को डिस्चार्ज कर दिया गया है जबकि 12 लोगों की मौत हुई है।

हिमाचल में यह 90 आंकड़ा पहुंच चुका है। यहां एक व्यक्ति की मौत हुई है। जम्मू-कश्मीर में कोरोना से पीड़ित लोगों की संख्या 109 पहुंच गई है, यहां 4 लोगों को डिस्चार्ज किया जा चुका है। यहां 2 लोग इस बीमारी से मारे जा चुके हैं।

कर्नाटक में इसकी रफ्तार काफी तेजी से बढ़ रही है यहां अब तक जारी किए गए आंकड़े के मुताबिक 151 लोग इस बीमारी से पीड़ित है। 12 लोग को डिस्चार्ज कर दिया गया है । चार की मौत हुई है।

केरल में यह संख्या 327 हो गयी है। 58 को डिस्चार्ज किया चुका है, दो की मौत हुई है। लद्दाख में आंकड़ा 14 है, जहां 10 लोगों को डिस्चार्ज किया जा चुका है। मध्यप्रदेश में आंकड़ा 165 है ।

महाराष्ट्र में देश में सबसे अधिक कोरोना पीड़ित लोग हैं। यहां 748 इस वायरस से पीड़ित हैं, 56 लोगों को डिस्चार्ज किया जा चुका है । अकेले महाराष्ट्र में 45 लोगों की मौत हो गई है। मणिपुर में 2, मिजोरम में 1, उड़ीसा में 21, और पुडुचेरी में 5 लोग इस वायरस से पीड़ित हैं।

पंजाब में 76 लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं, 6 की मौत हुई है। 4 को डिस्चार्ज किया जा चुका है। राजस्थान में आंकड़ा 288 तक पहुंच चुका है, 21 को डिस्चार्ज किया गया। 3 की मौत हो गई है। तमिलनाडु में आंकड़ा 621 पहुंच गया है, 8 को डिस्चार्ज किया गया। 5 की मौत हो गई है।

तेलंगाना में 321 लोग इस बीमारी से पीड़ित है । 34 को डिस्चार्ज किया गया। 7 की मौत हो गई है। त्रिपुरा से सिर्फ 1 को कोरोना होने की सूचना है। उत्तराखंड में भी आंकड़ा बढ़ा है। यहां 31 लोग इस बीमारी से पीड़ित बताए गए हैं, जबकि 5 लोगों को डिस्चार्ज किया जा चुका है।

उत्तर प्रदेश में आंकड़ा 305 हो गया है। यहां 21 लोगों को इलाज के बाद डिस्चार्ज किया चुका है, जबकि 3 लोग की मौत हुई है। पश्चिम बंगाल मे यह आकड़ा 91 हो गया है। यहां 13 लोग को अस्पताल से डिस्चार्ज किया जा चुका है। यहां 3 लोगो की इस वायरस से मौत की खबर है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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