madhya pradesh में कोरोना मरीज की संख्या 1 लाख 13 हजार के पार

0

मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या एक लाख 13 हजार को पार कर गई है, वहीं अब तक 2077 मरीज काल के गाल में समा चुके है। इसके अतिरिक्त 88 हजार से ज्यादा मरीज स्वस्थ हुए हैं। राज्य के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, राज्य में कुल मरीजों की संख्या एक लाख 13 हजार 57 हो गई हैं। बीते 24 घंटों में 2346 मरीज बढ़े हैं। इंदौर में लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है। यहां बीते 24 घंटों में 451 नए मरीज सामने आने से कुल मरीजों की संख्या 20 हजार 834 हो गई है। भोपाल में 249 मरीज बढ़े है और कुल मरीज 15,624 हो गए है। इसी तरह ग्वालियर में 172 और जबलपुर में 245 मरीज बढ़े है।

राज्य में मौत का भी आंकड़ा बढ़ रहा है। अब तक 2077 मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं अब तक राज्य में 88 हजार 168 मरीज स्वस्थ हो चुके है। वर्तमान में एक्टिव मरीजों की संख्या 22 हजार 812 है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleमावी उससे बेहतर है ’: फैंस ने पैट कमिंस के अलावा सिर्फ 3 ओवर में 49 रन दिए
Next articleरोहित शर्मा के बाद केकेआर के खिलाफ एक स्टाइलिश 54 गेंद 80 के स्कोर के बाद ट्विटर प्रतिक्रिया
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here