madhya pradesh में कोरोना मरीज 2 लाख 6 हजार के पार

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मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों की सं में बढ़ोत्तरी का दौर जारी है। अब यह आंकड़ा 2 लाख 6 हजार से आगे निकल गया है। वहीं अब तक बीमारी से 3260 मरीजों की मौत हो चुकी है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग की ओर से सोमवार को जारी किए गए बुलेटिन के मुताबिक आंकड़े बताते है कि कुल मरीजों की संख्या बढ़कर 2 लाख 6 हजार 128 हो गई है। बीते 24 घंटों मंे 1383 मरीज बढ़े हैं। इंदौर में 523 मरीज बढ़ने से कुल मरीजों की संख्या 42149 हो गई है, वहीं भोपाल में 302 मरीज बढ़े और यहां कुल मरीजों का आंकड़ा 31974 हो गया है।

राज्य में बीते 24 घंटों में 10 मरीजों की मौत हुई है। अब तक बीमारी से 3260 मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं राज्य में बीते 24 घंटों में बीमारों के मुकाबले स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या है। इस अवधि में 1576 मरीज स्वस्थ हुए हैं। अब तक कुल 1 लाख 88 हजार 97 मरीज स्वस्थ हुए हैं। वर्तमान में एक्टिव मरीजों की संख्या 14771 हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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