Bihar में कोरोना संक्रमितों की संख्या 2.36 लाख, फिलहाल 5,502 सक्रिय मरीज

0

बिहार में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 2,36,778 पहुंच गई है, लेकिन राहत की बात है कि इसमें 2,30,001 स्वस्थ होकर घर भी जा चुके हैं। फिलहाल राज्य में सक्रिय (एक्टिव) मरीजों की संख्या 5,502 है। राज्य में बुधवार को कोरोना के 680 नए मामले सामने आए हैं। बिहार स्वास्थ्य विभाग द्वारा बुधवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले 24 घंटों के दौरान 636 संक्रमित स्वस्थ होकर अपने घर जा चुके हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य में संक्रमितों के संक्रमणमुक्त होने की दर 97.14 प्रतिशत है।

पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य में 1,26,606 नमूनों की जांच हुई है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य में पिछले 24 घंटे के दौरान 6 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई है। इस तरह राज्य में अब तक कुल 1,274 कोरोना संक्रमितों की मौत हो चुकी है।

पटना में बुधवार को 233 कोरोना मरीजों की पुष्टि हुई, जिससे पटना में कुल मरीजों की संख्या 42,545 तक पहुंच गई है। इनमें से अब तक 40,173 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleSanjana Sanghi: संजना सांघी ने शुरू की फिल्म ओम की शूटिंग, सेट से शेयर की तस्वीरें
Next articleActress Ileana D’Cruz ने खुद को कहा ‘अजीब’
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here