दिल्ली में कोरोना मामलों की संख्या 1 लाख के पार

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दिल्ली में कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों की संख्या सोमवार को एक लाख के आंकड़े को पार कर गई। बीते 24 घंटे में कोरोना से 48 व्यक्तियों की मृत्यु हो गई। इस दौरान दिल्ली में 1379 नए कोरोना पॉजिटिव मामले भी सामने आए हैं। अन्य दिनों के मुकाबले कोरोना के लगभग 10 हजार टेस्ट भी कम किए गए हैं। शनिवार से रविवार के बीच दिल्ली में कोरोना के लगभग 23 हजार से अधिक टेस्ट किए गए थे। हालांकि बीते 24 घंटे में केवल 13879 टेस्ट किए गए।

दिल्ली सरकार ने सोमवार को कहा, “बीते 24 घंटे के दौरान कोरोना से 48 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है। दिल्ली में अभी तक कोरोना से कुल 3115 व्यक्तियों की मृत्यु हो चुकी है। 1379 नए कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आने के बाद अब दिल्ली में 1 लाख, 823 कोरोना पॉजिटिव मामले हो चुके हैं। इन्हीं चौबीस घंटों के दौरान 749 कोरोना रोगी स्वस्थ भी हुए हैं।”

दिल्ली में अभी तक सामने आए कोरोना पॉजिटिव मामलों में से 72,088 व्यक्ति स्वस्थ हुए हैं, और 25,620 एक्टिव कोरोना रोगी हैं। एक्टिव कोरोना रोगियों में से 17,141 का उपचार उनके घरों पर ही हो रहा है। इन सभी को होम आइसोलेशन में रखा गया है। दिल्ली में कंटेनमेंट जोन की संख्या भी इस समय 455 है।

दिल्ली में प्रतिदिन सामने आने वाले कोरोना पॉजिटिव मामलों की संख्या में कमी आई है। बावजूद इसके अभी भी दिल्ली में कोरोना से प्रतिदिन कई व्यक्तियों की मृत्यु हो रही है। कोरोना रोगियों के स्वस्थ होने की दर एक महीना पहले तक यहां 38 फीसदी थी। अब 72 फीसदी कोरोना रोगी स्वस्थ हो चुके हैं।

दिल्ली सरकार कोरोनावायरस के कारण होने वाली वाली मौतों को कम करने का प्रयास करेगी। हालांकि सरकार का कहना है कि अब स्थिति इतनी गंभीर नजर नहीं आ रही, जितना कि एक महीना पहले थी।

कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में मजबूती लाने के लिए दिल्ली सरकार अपने कोविड अस्पतालों में आईसीयू बेड की संख्या में वृद्धि कर रही है। इसके तहत लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल, राजीव गांधी अस्पताल और जीटीबी अस्पताल में आईसीयू बेड की संख्या बढ़ाई जा चुकी है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, लोकनायक अस्पताल, गुरु तेग बहादुर और राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में आईसीयू के अतिरिक्त बेड उपलब्ध कराए गए हैं। एलएनजेपी में लॉकडाउन के शुरुआत में आईसीयू बेड की संख्या 60 थी, जो अब बढ़ाकर 180 की गई है। राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में आईसीयू बेड की संख्या 45 से बढ़कर 200 हो गई है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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