Karnataka में कोरोना के मामले 7.35 लाख के पार

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कर्नाटक में एक दिन में कोरोनावायरस के 9,265 मामले सामने आने के बाद कुल मामलों की संख्या 7,35,371 हो गई है। राज्य में सक्रिय मरीजों की संख्या 1,13,987 है। कर्नाटक के स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, यहां एक दिन में 8,662 मरीजों को अस्पतालों से छुट्टी दी गई, जबकि 75 मरीजों ने दम तोड़ दिया। इसके बाद राज्य में मरने वालों की संख्या 10,198 हो गई है।

राजधानी बैंगलुरु में कोरोनावायरस के 4,574 नए मामले सामने आए, जिसके बाद शहर में कुल मामलों की संख्या 2,93,405 हो गई। यहां एक्टिव मामलों की संख्या 65,045 है, जबकि 2,24,942 मरीज ठीक हो चुके हैं। 3,291 मरीज एक दिन में ठीक हुए। यहां एक दिन में 27 लोग इस बीमारी से जान गंवा बैठे, जिसके बाद बैंगलुरू में मरने वालों की संख्या 3,451 हो गई।

हालांकि राहत की बात है कि राज्य में पॉजिटिविटी रेट कम हो रही है। अब यहां ये दर 8.14 फीसदी रह गई है। कर्नाटक में मृत्यु दर 0.81 फीसदी है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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