बदनामी से बचने के लिए गलत काम को उजागर करे सहकारी क्षेत्र : पीयूष गोयल

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केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कहा कि सहकारी क्षेत्र का निर्माण करनेवालों को सोचना होगा कि स्व-विनियमन से क्षेत्र को किस तरह मजबूत किया जाए और गलत कामों को उजागर किया जाए। गोयल ने यह बात पंजाब एवं महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक घोटाले के संदर्भ में कही।

उन्होंने कहा, “मैं नहीं मानता कि इतने बड़े बैंक में इतना बड़ा घोटाला सैकड़ों लोगों की संलिप्तता के बिना हो सकता है। इतने सारे खाते खुले होंगे। इतने सारे फंड की हेराफेरी हुई होगी। इसमें शाखाएं संलिप्त होंगी, प्रबंधन शामिल होगा, कर्मचारी संलिप्त होंगे।”

उन्होंने कहा, “मैं समझता हूं कि को-ऑपरेटिव सेक्टर के जो हिंतचिंतक हैं उनका, हम सबका दायित्व है कि पूरे सेक्टर की बदनामी न हो। कोई ऐसा काम न हो जिससे इसके अस्तित्व पर प्रश्न चिन्ह लग जाए।”

गोयल यहां प्रगति मैदान में आयोजित तीन दिवसीय भारत अंतर्राष्ट्रीय सहकारी व्यापार मेला (आईआईसीटीएफ)-2019 के समापन समारोह में बोल रहे थे।

उन्होंने मेले के आयोजन के लिए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के प्रयासों का जिक्र करते हुए इसे सफल कोशिश करार दिया।

गोयल ने बताया, “मेले में देश-विदेश से लगभग 35,000 लोग पहुंचे और तकरीबन 7,000-8,000 करोड़ रुपये का व्यापार हुआ।”

उन्होंने इसे एक अच्छी शुरुआत बताते हुए कहा, “यह महज शुरुआत है और इससे अलग-अलग क्षेत्र के को-ऑपरेटिव को जोड़ने का एक सफल प्रयोग हुआ है, जोकि अब देशभर में अलग-अगल स्थानों पर भी हो सकता है।”

उन्होंने कहा कि और बड़े स्तर पर इस तरह का आयोजन करने की दिशा में सरकार और सहकारी क्षेत्र की तरफ से कोशिशें होनी चाहिए।

गोयल ने कहा कि देश के जो बड़े उद्योग हैं, उनसे भी चर्चा करके उनको भी इससे जोड़ा जा सकता है।

उन्होंने सहकारी क्षेत्र को बल प्रदान करने के लिए इससे रेलवे को जोड़ने की बात कही। गोयल रेल मंत्री भी हैं।

गोयल ने कहा, “हमारे 6500 स्टेशन हैं। क्या इन स्टेशनों पर को-ऑपरेटिव स्टॉल खोले जा सकते हैं, इस दिशा में प्रयास किया जाना चाहिए।”

उन्होंने रेलवे स्टेशन के साथ-साथ हवाईअड्डों और बस अड्डों पर को-ऑपरेटिव क्षेत्र में बनने वाली वस्तुओं के आउटलेट खोलने की बात कही।

उन्होंने कहा, “इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए हमारे मंत्रालय की ओर से जो मदद की दरकार होगी वह देने के लिए हम तैयार हैं।”

उन्होंने छोटे-छोटे सहकारी संगठनों को बढ़ावा देने पर बल दिया।

उन्होंने कहा, “जब साथ में काम करेंगे तो सफलता मिलेगी।”

उन्होंने कहा कि देश के रिटेल स्टोर और हर माल में को-ऑपरेटिव स्टॉल खोलने का प्रयास किया जाना चाहिए।

गोयल ने कहा, “2022 में जब हम देश की आजादी की 75वीं वर्षगांठ मनाएंगे तब हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि हर घर में को-ऑपरेटिव सेक्टर में निर्मित उत्पाद पहुंचे।”

उन्होंने कहा कि देश में सहकारी आंदोलन को आगे बढ़ाने में सहकार भारती की अहम भूमिका होगी।

तीन दिवसीय इस मेले का उद्घाटन शुक्रवार को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किया था। मेले में 35 देशों के सहकारी संगठनों ने हिस्सा लिया।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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