वैश्विक चुनौतियों के मुकाबले में युवाओं का योगदान जरूरी

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12 अगस्त को अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है जो वर्ष 1999 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में तय किया गया था। इस वर्ष वैश्विक महामारी के चलते युवाओं पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक ट्रेडोस अदनोम घेब्रेयसस ने 12 अगस्त को अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस के मौके पर कहा कि नये कोरोना वायरस के फैलाव से युवाओं के भविष्य पर भारी प्रभाव पड़ा है। उधर, अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के अनुसार विश्व में 70 प्रतिशत छात्रों पर कुप्रभाव पड़ा और महामारी से एक छठे भाग युवाओं को काम बन्द करना पड़ा और 42 प्रतिशत युवाओं की आय में कमी नजर आयी। 38 प्रतिशत युवा अपने भावी व्यवसाय पर अनिश्चितता महसूस करते हैं।

वर्तमान में विश्व में 1.2 अरब युवा लोग हैं जिनकी उम्र 15 से 24 साल के बीच है जो पूरी जनसंख्या का 16 प्रतिशत भाग बनता है। वैश्विक महामारी फैलने की स्थिति में युवाओं के सामने मौजूद समस्याओं का समाधान करना उनकी खुद की सकारात्मक भागीदारी पर निर्भर है। वास्तव में युवाओं ने महामारी की रोकथाम में सक्रियता से भाग लिया है। उदाहरण के लिए चीन के वुहान शहर की सहायता में बाह्य क्षेत्रों से भेजे गये 42 हजार चिकित्सकों में 12 हजार युवा चिकित्सक हैं। हालांकि कोविड-19 के अधिकांश उच्च जोखिम वाले लोग युवा नहीं हैं, पर युवाओं ने महामारी की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कहा कि जब तक युवा लोगों के पास आदर्श और जिम्मेदारी उठाने की भावना है, तब तक मानव जाति में आशा मौजूद है, और शांति और विकास को आगे बढ़ाने की शक्ति भी मौजूद है। वैश्विक चुनौतियों के मुकाबले में युवाओं को योगदान करवाया जाएगा। और युवा लोगों को रचनात्मकता और नवाचार के माध्यम से दुनिया के भविष्य में योगदान करवाया जाएगा।

न्यूज सत्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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