लाल प्याज के सेवन से दूर हो सकता है आपका अस्थमा

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जयपुर हेल्थ। अस्थाम में व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत, खांसी, घरघराहट और सांस फूलने जैसी समस्या होती है। अस्थमा में सांस की नली में सिकुङन और सूजन आ जाती है। आहार की मदद से अस्थमा को नियंत्रित किया जा सकता है। प्याज एक ऐसा ही आहार है, जिसकी मदद से अस्थमा को नियंत्रित किया जा सकता है।

लाल प्‍याज में उच्‍च मात्रा में एंटीऑक्‍सीडेंट यौगिक होते हैं। ये फ्लेवेनॉएड्स और एंथोसियानिंस से भी युक्‍त होती है। इसमें 25 तमाम प्रकार के एंथोसियानिंस होते हैं। फ्लेवेनॉएड्स में खून को प्राकृतिक रूप से पतला करने का गुण होता हैं। इसमें मौजूद फाइटोकेमिकल्‍स इम्‍यून सिस्‍टम को मजबूत करने का काम करते हैं।

लाल प्‍याज में विटामिन के, बी6, सी और फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है। फाइबर पाचन तंत्र को सही रखता है और कब्‍ज से बचाता है। इसमें खनिज पदार्थ, फोलेट, थियामिन, कैल्शियम, मैग्‍नीशियम, पोटाशियम और मैंगनीज भी होते हैं। इसमें एंटी-बैक्‍टीरियल और एंटी-वायरल गुण पाया जाता हैं।

कई अध्‍ययनों से पता चला है कि लाल प्‍याज में थिओसल्‍फेट, क्‍यूसरसेटिन और एंथोसियानिन सियानिडिन यौगिक फ्लेवेनॉएड और एंटीऑक्‍सीडेंट के रूप में मौजूद होते हैं जो अस्‍थमा और एलर्जी के इलाज में कारगर होती है।

अस्‍थमा में इसका सेवन कैसे करें…..

एक बर्तन लें और उसमें ब्राउन शुगर को डालकर पिघला लें। जब शुगर पिघल जाएं तब इसमें कटी हुई लाल प्‍याज डालें और चलाते रहें। इसके बाद इस मिश्रण में पानी डालें और जब तक इसका पानी एक एक तिहाई न हो जाए, तब तक इसे उबालते रहें। इसके बाद मिश्रण को ठंडा करके इसमें नींबू और शहद डालकर मिलाएं। इस मिश्रण को एक कांच के जार में भरकर रातभर के लिए रख दें। आप खाना खाने से पहले एक चम्मच इस मिश्रण ता सेवन करें।

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