मप्र में कांग्रेस कार्यकर्ता अपने ही जिलों में प्रचार करें : कमलनाथ

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आगामी लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के दूसरे जिलों में जाकर प्रचार करने की संभावनाओं के मद्देनजर प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने सभी पदाधिकारियों को अपने-अपने जिलों से बाहर नहीं जाने के निर्देश दिए हैं।

कमलनाथ के निर्देश पर प्रदेश इकाई के महामंत्री राजीव सिंह ने सोमवार को एक पत्र जारी कर कहा है कि पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी, जिला-ब्लॉक पदाधिकारी व जनप्रतिनिधि अपने-अपने जिले में रहकर कांग्रेस प्रत्याशी की जीत के लिए काम करें।

सभी पदाधिकारियों से कहा गया है कि पार्टी की प्रदेश इकाई की बगैर अनुमति के कोई भी पदाधिकारी अपने जिले से बाहर जाकर पार्टी का काम नहीं करे, जो भी पदाधिकारी इन निर्देशों का उल्लंघन करेगा, अर्थात जिले से बाहर जाकर प्रचार करेगा, उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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