पीएसयू कर्मियों के महंगाई भत्ते फ्रीज होने पर Congress ने केंद्र पर साधा निशाना

0

कांग्रेस ने शुक्रवार को केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को फ्रीज करने के फैसले पर केंद्र को आड़े हाथों लिया और कहा कि यह डूबती अर्थव्यवस्था का एक और संकेत है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा है कि खाद्य पदार्थों में मुद्रास्फीति 11 फीसदी से ज्यादा हो गई है, लेकिन मोदी सरकार केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू) के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (डीए) बढ़ाने की बजाय फ्रीज कर रही है। उन्होंने कहा कि “एक ओर सरकारी कर्मचारियों की हालत पस्त है और दूसरी ओर पूंजीपति ‘मित्र’ मुनाफा कमाने में मस्त हैं।”

राहुल ने ट्वीट किया, “खाद्य पदार्थो की महंगाई दर 11.1 फीसदी पार! लेकिन मोदी सरकार सेंट्रल पीएसयू कर्मचारियों का डीए बढ़ाने की बजाय फ्रीज कर रही है। सरकारी कर्मचारियों की हालत पस्त, पूंजीपति ‘मित्र’ मुनाफा कमाने में मस्त!”

वहीं पार्टी नेता सुप्रिया श्रीनेत ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, “अर्थव्यवस्था नियंत्रण से बाहर है और हर कोई परेशानी में है। यह सिर्फ असंगठित क्षेत्र नहीं है जो परेशानी झेल रहा है, बल्कि सरकारी कर्मचारी भी भारतीय अर्थव्यवस्था की अक्षमता का खामियाजा भुगत रहे हैं।”

कांग्रेस नेता ने कहा कि दिक्कतें सिर्फ असंगठित क्षेत्र में ही नहीं है, बल्कि यहां तक कि सरकारी कर्मचारी भी सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन का खामियाजा भुगत रहे हैं।

उन्होंने कहा, “तेजी से बढ़ती महंगाई ने मुश्किलें और भी बढ़ा दी हैं। अक्टूबर माह में महंगाई दर में 7.61 फीसदी की वृद्धि, विशेष रूप से खाद्य पदार्थों में 11.6 फीसदी की वृद्धि गहन चिंता का कारण है।”

न्यूज सत्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleMadhur Bhandarkar और करण जौहर में ‘शीर्षक’ को लेकर छिड़ी जंग
Next articleBihar : नीतीश ने डूबते सूर्य को दिया अघ्र्य, तारकिशोर, रेणु भी भगवान भास्कर की अराधना में जुटे
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here