पूर्वोत्तर में भाजपा की अंधी सत्ता दौड़ स्थायित्व का कर रही अतिक्रमण : कांग्रेस

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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके सहयोगियों के लिए त्रिपुरा, नागालैंड और मेघालय में सरकार गठन का रास्ता लगभग साफ होने के बीच कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि ‘सत्ता के लिए भाजपा की अंधी दौड़ पूर्वोत्तर क्षेत्र में स्थायित्व का अतिक्रमण कर रही है।’ कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा क्षेत्र में अस्थिरता, विनाश और जबरदस्ती सत्ता हथियाने का खतरनाक खेल खेल रही है।

सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, “त्रिपुरा, नागालैंड और मेघालय की जनता को हमारी शुभकामनाएं हैं। हम आशा करते हैं कि लोगों के मसले, खासतौर से युवाओं के मुद्दे प्राथमिकता के तौर पर सुलझाए जाएंगे।”

उन्होंने कहा कि हर भारतीय इस बात को लेकर चिंतित है कि भाजपा की ‘किसी भी कीमत पर’ और ‘किसी भी तरीके’ से सत्ता हथियाने की कोशिश से क्या संपूर्ण पूर्वोत्तर क्षेत्र को अस्थिरता के अंधकार में धकेला नहीं जा रहा है?

सुरजेवाला ने कहा कि त्रिपुरा में भाजपा ने आईपीएफटी के साथ हाथ मिलाया है जिसका चुनावी मुद्दा राज्य का विभाजन है और अब वह जनजातीय मुख्यमंत्री की मांग कर रही है। उन्होंने सवाल किया कि क्या भाजपा त्रिपुरा का विभाजन करेगी और जनजातीय मुख्यमंत्री की मांग को खारिज करेगी।

उन्होंने कहा कि नागालैंड में भाजपा एनपीएफ के साथ सरकार में थी, फिर भी वह विपक्षी पार्टी एनडीपीपी के साथ गठबंधन कर विधानसभा चुनाव में उतरी।

एनीएफ ने 26 सीट पर जीत दर्ज कि और एनडीपीपी को 18 सीटें मिलीं। दोनों सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या नागालैंड में फिर उसी तरह की अस्थिरता बनी रहेगी जैसी पिछले पांच साल के दौरान रही।

उन्होंने मणिपुर में भाजपा गंठबंधन सरकार की स्थिरता पर संकट के बादल मडराने की बात कही।

सुरजेवाला ने कहा कि मेघालय में भाजपा सिर्फ दो विधायकों को लेकर सत्ता में हिस्सेदारी चाहती है। उन्होंने कहा, “हर विरोधी पार्टी जो भाजपा खिलाफ चुनाव में मैदान में उतरी थीं, वे विचारधारा व राजनीतिक और चुनावी रूप से एक दूसरे के विरोध में खड़ी थीं, लेकिन अब किसी भी कीमत पर सरकार बनाने में जुटी हैं।”

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यही मेघालय की आकांक्षा और स्थायी सरकार का जवाब है।

मेघालय में कांग्रेस 21 सीट के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप मे उभरी है, लेकिन सरकार बनाने के लिए पर्याप्त संख्या बल प्राप्त करने से वंचित रही है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

 


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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