यात्रा में मरे मजदूरों के परिजनों को मुआवजा दिलाने को पटना में कांग्रेस का धरना

0

कोरोना संक्रमण काल में यात्रा के दौरान मरने वाले प्रवासी मजदूरों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग को लेकर गुरुवार को बिहार कांग्रेस के कार्यकर्ता पटना स्थित प्रदेश कार्यालय के द्वार पर धरने पर बैठे। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार से यात्रा के दौरान दुर्घटना के शिकार हुए मजदूरों की सूची जारी करने की मांग भी की। प्रदेश कांग्रेस कमिटी के मुख्यालय सदाकत आश्रम के मुख्यद्वार पर प्रदेश अध्यक्ष डॉ़ मदन मोहन झा के नेतृत्व में धरना पर बैठे एवं प्रदर्शन किया। धरना एवं प्रदर्शन में सोशल डिस्टेसिंग का पूरा पालन किया गया।

डॉ़ झा ने कहा कि इस कोरोना संक्रमण काल में लाखों की संख्या में प्रवासी मजदूर बिहार वापस आ रहे हैं। बहुत दिनों से हताश श्रमिक साधन के अभाव में लाखों की संख्या में अपने घर की ओर पैदल एवं बसों, ट्रकों, टेम्पो, रिक्शा, साइकिल, जुगाड़गाड़ी के माध्यम से अपने घर की ओर चल दिए। उनके साथ बच्चे महिलाएं गर्भवती महिलाएं, बुर्जुग और दिव्यांग भी हैं।

उन्होंने कहा, “इनमें से बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूरों की दुर्घटना या भूख से मौत हो गई। कांग्रेस पार्टी इस स्थिति में मृतक के परिजनों की सहायता करना चाहती है। साथ ही सरकार से मांग करती है कि इन प्रवासी मजदूरों की मौत की जिम्मेवारी तय की जाए। साथ ही इस दुर्घटना में मृत व्यक्तियों की सूची प्रदेश कांग्रेस को सौंपी जाए।”

इस संबंध में आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव को एक मांगपत्र भी सौंपा गया। इस मांगपत्र में यात्र के दौरान मरने वालों की सूची जारी करने तथा मरने वालों के परिजनों को मुआवजा तथा नौकरी देने की प्रमुख मांग शामिल है।

धरना-प्रदर्शन में विधायक पूनम पासवान, प्रदेश कांग्रेस कमिटी के मीडिया विभाग के अध्यक्ष एच.के. वर्मा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता ब्रजेश पांडेय, सुबोध कुमार, पूर्व विधायक प्रमोद सिंह, लाल बाबू लाल, प्रवक्ता राजेश राठौड़, आनंद माधव, अनिता यादव सहित कई लोग उपस्थित थे।

इधर, युवक कांग्रेस ने भी मृतक मजदूरों के परिजनों के मुआवजे की मांग की है। प्रदेश युवक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ललन कुमार ने एक बयान जारी कहा कि स्पेशल ट्रेनें अपने गंतव्य स्थानों पर दो दिन की जगह नौ दिनों में पहुंच रही है। मजदूरों को न खाना मिल रहा है और न पानी। रेल डब्बे में लोगों की मौत हो जा रही है। उन्होंने सरकार से मृतक के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleआईएमडी ने बताया, दो जून तक लू से राहत
Next articleगुआर्डियोला का मुझे टीम से बाहर करना, करियर का सबसे खराब दौर : हर्ट
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here