कांग्रेस ने बनाई व्यापारियों की नकारात्मक छवि : प्रधानमंत्री मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस ने महंगाई के लिए व्यापारियों पर दोषारोपण कर उनकी नकारात्मक छवि बनाई।

मोदी ने यहां व्यापारियों को संबोधित करते हुए कहा, “कांग्रेस के शासन में व्यापारियों के बारे में एक धारणा बनाई गई कि देश में सारी समस्याओं के लिए वही जिम्मेदार हैं। महंगाई का लाभ कांग्रेस के जमाखोरों को मिलता था और एक धारणा बनाई गई महंगाई व्यापारियों के कारण आती है।”

उन्होंने कहा, “सच्चाई यह है कि महंगाई की मार दूसरों के मुकाबले व्यापारियों पर दोगुनी पड़ती है। एक तरफ उनको खुद के परिवार का बजट बनाए रखने में समस्याएं आती हैं तो दूसरी तरफ महंगाई बढ़ने और मांग घटने से उनका कारोबार प्रभावित होता है।”

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के मुद्दे पर बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि नई कर व्यवस्था से पारदर्शिता आई है और राजस्व में डेढ़ गुना इजाफा हुआ। जीएसटी लागू होने के बाद पंजीकृत व्यापारियों की संख्या बढ़कर दोगुनी हो गई।

मोदी ने कहा कि सरकार हर दो महीने पर जीएसटी परिषद की बैठकों में व्यापारियों की चिंताओं का समाधान करती रही है और दरों की समीक्षा करती रही है। इसके फलस्वरूप जरूरत की अधिकांश वस्तुएं अब जीएसटी दरों के शून्य स्लैब में आ गई हैं और 98 फीसदी वस्तुओं व सेवाओं पर जीएसटी की दर 18 फीसदी से कम हो गई है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “पहले आपको कर में राहत के लिए अगले बजट का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब चीजें बदल गई हैं। आपके सुझावों पर नियमित रूप से विचार किया जाता है। ”

चुनाव में किए गए वादों को दोहराते हुए मोदी ने कहा कि अगर भाजपा सत्ता में फिर वापस आएगी तो खुदरा व्यापार के लिए नई राष्ट्रीय नीति लाई जाएगी और देश में जीएसटी के तहत पंजीकृत व्यापारियों को 10 लाख रुपये की दुर्घटना बीमा प्रदान की जाएगी।

मोदी ने कहा, “हम जीएसटी के तहत रजिस्टर्ड सभी व्यापारियों के लिए 10 लाख रुपये दुर्घटना बीमा उपलब्ध कराएंगे।”

उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड की तरह व्यापारियों के लिए भी क्रेडिट कार्ड योजना लाने की घोषणा की।

प्रधानमंत्री ने कहा, “हम रजिस्टर्ड व्यापारियों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड योजना की तरह ही व्यापारी क्रेडिट कार्ड योजना लाएंगे।”

उन्होंने कहा कि भाजपा खुदरा व्यपारियों का एक राष्ट्रीय बोर्ड बनाएगी जो व्यापारियों और सरकार के बीच माध्यम का काम करेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इज ऑफ डूइंग बिजनेस (कारोबारी सुगमता) के मामले में पिछले पांच साल में देश 75 पायदानों की छलांग लगाकर 77वें पायदान पर आ गया है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य अगले पांच साल में देश को 50वें पायदान पर लाना है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “चुनाव के समय हमारी बिरादरी जो बोलती है, वह चाहती है कि लोग उसे जल्दी से जल्दी भूल जाएं। लेकिन मैं अपवाद हूं और मैंने जो बोला था उसे याद करा रहा हूं।”

उन्होंने कहा, “आपको खुशी होगी पिछले पांच साल में मैंने 1500 कानून खत्म किए। इतना ही नही, इज ऑफ डूइंग बिजनेस में आज दुनिया में भारत का नाम रौशन हुआ है लेनिक मेरा मकसद ‘इज ऑफ लिविंग’ का है।”

प्रधानमंत्री यहां तालकटोरा स्टेडियम में व्यापारियों के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने व्यापारियों से कहा कि उन्होंने पिछले पांच साल से उनके जीवन को आसान बनाने की कोशिश की है।

उन्होंने कहा, “आप जनता की सेवा करते हैं। मैं आप सभी व्यापारियों की मेहनत से प्रभावित हूं।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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