कांग्रेस सांसदों ने बीते 5 वर्षो में कटुता, अन्याय से लड़ाई लड़ी : राहुल

0
91

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को वैचारिक लड़ाई व दैनिक समाचार चक्र में हरा रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी सांसदों ने बीते पांच वर्षो में ‘कटुता और अन्याय’ से लड़ाई लड़ी है। यहां कांग्रेस संसदीय दल की बैठक को संबोधित करते हुए गांधी ने कहा कि पार्टी अब दृढ़ता से लोगों के दिमागों में बस गई है। उन्होंने मोदी सरकार पर संस्थानों के ऊपर ‘व्यवस्थित हमले’ करने और समाज को विभाजित करने का आरोप लगाया। कांग्रेस की यह बैठक 16वीं लोकसभा के पार्टी सांसदों की अंतिम बैठक थी।

गांधी ने यह भी कहा कि कांग्रेस अन्य विपक्षी दलों के बीच एक अलग मुकाम के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा, “अगर आप मेरे सभी विपक्षी मित्रों के संबंध में पूरी तरह से विश्लेषण करेंगे तो पाएंगे कि केवल एक ही पार्टी है, जो पूरे देश के लिए बात करती है। प्रत्येक अन्य पार्टी भारतीय समाज के एक हिस्से की बात करती है और हम इसे गर्व के साथ कहते हैं कि हम इस देश में एकजुट करने वाली पार्टी हैं और यह हम सम्मान से अपने विपक्षी (मित्रों) से भी कहते हैं।”

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहली है, जिसने भारत के विचार की रक्षा की। उन्होंने कहा, “इस देश में संस्थानों की रक्षा हमारा कर्तव्य है और हम यह किसी और पर नहीं छोड़ सकते।”

भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “आप इसे उनके चेहरे पर देख सकते हैं, आप उनके हाव-भाव देख सकते हैं। शेखी बघारना बंद हो गया है। और, यह राहुल गांधी की वजह से नहीं हुआ। यह कांग्रेस पार्टी, कांग्रेस के कार्यकर्ता और आप सभी की वजह से हुआ है। मुझे आपसे ताकत मिलती है, इसलिए आप अपनी ताकत मुझे दें और मैं अपना काम करने के लिए आपकी ऊर्जा का इस्तेमाल करता रहूंगा।”

गांधी ने कहा कि आम आदमी को अब एहसास हो चुका है कि मोदी वह नहीं हैं, जिसका वह दावा करते हैं और आरएसएस वह नहीं है, जिसका वह दावा करता है।

गांधी ने कहा कि वर्तमान लोकसभा में कांग्रेस के केवल 40 से कुछ अधिक सदस्य हैं जबकि भाजपा के पास 280 से ज्यादा सदस्य हैं।

उन्होंने कहा, “हर कोई यह सोचता था कि 40 सदस्यों की आवाज 280 से अधिक सदस्यों के सामने नहीं सुनी जा सकती और वह भी उनके सामने जिन्हें आरएसएस के विचारकों ने प्रशिक्षित किया है, जो केवल बार-बार खुद को दोहराते रहते हैं। दोनों सदनों में हमारा काफी मुश्किल समय रहा और मैं केवल राज्यसभा का ही नहीं बल्कि लोकसभा का भी उल्लेख करूंगा, जहां हमारे वरिष्ठ सदस्यों को वेल में जाने के लिए मजबूर किया गया और उन्हें कई दिनों तक चिल्लाने के लिए भी मजबूर होना पड़ा।”

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने मुश्किलों का सामना करने के बावजूद अपने मुद्दे उठाए।

उन्होंने कहा, “संख्याबल के कारण, पिछली लोकसभाओं और राज्यसभाओं के संबंध में मुझे नहीं लगता कि ऐसी भी कोई अन्य राज्यसभा या लोकसभा रही, जहां संस्थानों ने खुद या भाजपा के सदस्यों द्वारा इस तरह की कटुता और अन्याय किया गया हो। इसलिए एक कांग्रेसी होने के नाते मैं बहुत गर्व से धन्यवाद कहता हूं। साथ ही मैं यह भी कहता हूं कि आपने हम सभी को बहुत गौरवान्वित किया है।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleयुवक को हुआ किन्नर से प्यार, पिता को पता चला तो कर दिया ये हैरानी वाला काम
Next articleसफेद कपड़े का ऐसा उपाय जो आपको रातों रात कर देगा मालमाल, जानें कैसे
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here