कांग्रेस के वादेत्तिवार होंगे महाराष्ट्र में नए नेता प्रतिपक्ष

0
59

विदर्भ से कांग्रेस के अनुभवी नेता विजय नामदेवराव वादेत्तिवार महाराष्ट्र विधानसभा में नए नेता प्रतिपक्ष होंगे। यह जानकारी यहां रविवार को पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने दी।

वादेत्तिवार पूर्व कांग्रेसी और नेता प्रतिपक्ष राधाकृष्ण विखे पाटिल की जगह लेंगे। पाटिल सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए हैं। उनको सुबह में ही देवेंद्र फड़णवीस के मंत्रिमंडल में शामिल किया गया।

कांग्रेस के उपनेता नसीम खान ने आईएएनएस को बताया, “सभी विपक्षी दलों ने रविवार को विधानसभाध्यक्ष हरिभाऊ बागडे को एक औपचारिक पत्र सौंपा, जिसमें नये नेता प्रतिपक्ष के रूप में वादेत्तिवार को प्रस्तावित किया गया है।”

उन्होंने बताया कि परिषद में नेता प्रतिपक्ष राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता धनंजय मुंडे के घर बैठक के बाद विपक्षी दलों के नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल बागडे से मिलकर उनको पत्र सौंपा।

प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस विधायी पार्टी नेता बालासाहेब थोराट समेत राकांपा, पीडब्ल्यूपी और अन्य विपक्षी दलों के नेता शामिल थे।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleविश्व कप : भारत 7, पाकिस्तान 0 (राउंडअप)
Next articleमहिला आरक्षण विधेयक पारित कराए सरकार : तृणमूल कांग्रेस
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here