कांग्रेस ने कहा, प्रधानमंत्री मप्र की प्रीति को भी न्याय दिलाएं

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कठुआ और उन्नाव की घटनाओं को लेकर दिए गए बयान ‘गुनहगार बचेंगे नहीं, बेटियों को न्याय मिलेगा।’ से मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह की उम्मीद जगी है। उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मप्र की प्रीति रघुवंशी को भी न्याय दिलाने की मांग की है। प्रीति शिवराज सरकार में मंत्री रामपाल सिंह की बहू थीं। नेता प्रतिपक्ष ने रविवार को प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि प्रीति रघुवंशी ने लगभग 28 दिन पहले इसलिए आत्महत्या कर ली थी, क्योंकि मंत्री रामपाल सिंह के बेटे ने दूसरी शादी की तैयारी कर ली थी।

उन्होंने पत्र में लिखा है कि प्रीति रघुवंशी के परिजनों के बयान दर्ज हुए, लेकिन मंत्री रामपाल और उनके बेटे के बयान आज तक दर्ज नहीं हुए। मामला सिर्फ प्रीति को आत्महत्या के लिए विवश किए जाने का नहीं है, प्रीति के भाई का अपहरण कर उसे चार दिन बाद छोड़ा गया और बयान बदलने खातिर दबाव डालने के लिए अपहरण भी पुलिस के संरक्षण में किया गया।

पत्र में आगे लिखा है कि भोपाल के पुलिस महानिरीक्षक मंत्री रामपाल सिंह से मिलने उनके बंगले पर गए, लेकिन किसी भी बड़े अफसर ने प्रीति रघुवंशी के परिवार से मिलना ठीक नहीं समझा। यहीं नहीं, विधानसभा में इस मुद्दे पर सरकार ने चर्चा भी नहीं होने दी। यह घटनाक्रम बताता है कि शुरू दिन से ही शिवराज सरकार और उनकी पुलिस मंत्री रामपाल सिंह को बचाने और प्रीति रघुवंशी के परिवार को डराने-धमकाने का काम कर रही है।

सिंह ने पत्र में लिखा, “आपने प्रधानमंत्री बनते ही हरियाणा के हिसार से ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का एक महाअभियान शुरू किया था, पर जो हालात पूरे देश में पैदा हो गए हैं, उससे लोगों में फिर यह धारणा बन रही है कि बेटी होना कलंक है। बेटी बचाओ तो उसे या तो दरिंदे नोंच लेते हैं और अगर वह बहू बन जाती है तो उसे आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ता है, जैसा कि मंत्री रामपाल सिंह के मामले में हुआ है।”

नेता प्रतिपक्ष ने पत्र में आगे लिखा है कि राज्य में कानून का राज खत्म हो गया है। प्रीति रघुवंशी के परिजनों के न्याय की आस खत्म हो चुकी है। ऐसे में आपने जो बयान कठुआ और उन्नाव की घटनाओं के संदर्भ में दिया है, उसका पालन मध्य प्रदेश में भी करवाएं।

अजय सिंह ने मोदी को लिखा, “आप शिवराज सरकार को निर्देशित करें कि वह रामपाल सिंह को मंत्री पद से हटाएं, क्योंकि वे अपने पद का दुरुपयोग पुलिस पर दबाव डालने में कर रहे हैं और उनके तथा उनके पुत्र के विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज करवाएं। ऐसा होने पर ही आपके कहने का कोई अर्थ होगा, वरना यह भी अच्छे दिन की तरह जुमला बनकर रह जाएगा।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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