कांग्रेस ने राजनीतिक रसूख बचाने के लिए माले से भी हाथ मिलाया :Ravi Shankar Prasad

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केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने शुक्रवार को यहां महागठबंधन पर निशाना साधते हुए विपक्षी दलों से सवाल पूछा कि बिहार को ‘जंगलराज’ में झोंकने वाला कौन था। तेजस्वी बताएं कि उनके पिता के राज में कितने डॉक्टरों का अपहरण हुआ था। उन्होंने कहा कि पुराने शासन में ‘तेल पिलावन लाठी घुमावन’ का नारा दिया जाता, लेकिन आज नीतीश कुमार की सरकार और नरेंद्र मोदी के कारण बिहार के बच्चों के हाथों में स्मार्टफोन है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक रसूख को बचाने के लिए माले से भी गठबंधन कर लिया।

पटना में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार की उपलब्धियों का जिक्र किया।

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में डिजिटल इंडिया के माध्यम से हमने देश को एक नई ऊंचाई दी है, जिसकी चर्चा पूरे विश्व में हो रही है। देश के गरीबों के पास 126 करोड़ आधार, 37 करोड़ बैंक खाते, 121 करोड़ मोबाइल फोन को जोड़कर पिछले साढ़े पांच सालों में गरीबों के खाते में 11 लाख करोड़ भेजे हैं जिसमें हमने एक लाख 70 हजार करोड़ रुपए बचाएं हैं, जो बिचौलिए खा जाते थे।”

बिहार में अब तक 33 डिजिटल पासपोर्ट सेवा केंद्र खोले गए हैं, बिहार के 3140 कोर्ट ई-कोर्ट हो चुके हैं।

उन्होंने कहा कि कोरोना काल में युवाओं ने 15 हजार ई-स्टोर खोले हैं जहां से देश भर में सामान भेजा जाता है। बिहार की लीची को मुजफ्फरपुर के बागान से उठाकर लंदन तक पहुंचा दिया गया है।

उन्होंने कहा, “पुराने शासन में ‘तेल पिलावन लाठी घुमावन’ का नारा दिया जाता लेकिन आज नीतीश कुमार की सरकार और नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद से बिहार के बच्चों के हाथों में स्मार्टफोन है। अब गांव-गांव अप्टिकल फाइबर नेटवर्क ले जा रहे हैं। जिसके बाद गांवों में डिजिटल स्किलिंग और डिजिटल कोचिंग शुरू होंगे और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।”

विपक्ष पर जोरदार सियासी हमला करते हुए उन्होंने कहा, “पटना में तेजस्वी के पोस्टर लगे हैं जिसमें नया बिहार बनाने की बात की गई है लेकिन वो बताएं कि उनके पिता के राज में पटना में कितने डक्टरों का अपहरण हुआ था ? कितने डक्टरों के यहां रंगदारी के लिए स्लिप जाया करती थी ?”

कांग्रेस से सवाल पूछते हुए उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस पार्टी भाकपा (माले) के साथ खड़ी है, माले ने बिहार में क्या-क्या किया, ये सब जानते हैं? कितने लोगों के गर्दन काटे गए, लेकिन कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक रसूख को बचाने के लिए उनसे भी गठबंधन कर लिया।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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