राष्ट्रमंडल खेल (बैडमिंटन) : भारत की शानदार जीत, जानिए इसके बारे में !

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भारतीय बैडमिंटन टीम ने 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में अपना पहला मुकाबला जीत लिया है। भारत ने गुरुवार को कैरारा स्पोटर्स एरेना-2 में मिश्रित टीम स्पर्धा के ग्रुप-ए में श्रीलंका को 5-0 से मात दी। भारत को गुरुवार को ही पाकिस्तान के खिलाफ अपना अगला मुकाबला खेलना है।

मुकाबले के पहले मैच में मिश्रित युगल में भारत के प्रणव चैरी चोपड़ा और रुतविका गडे का सामना श्रीलंका के सचिन दियास और थिलिनि प्रामोडिका हेंडाहेवा से था। भारतीय जोड़ी ने अपने विपक्षी को 21-15, 19-21, 22-20 से मात देते हुए टीम को 1-0 से आगे कर दिया।

श्रीलंकाई जोड़ी ने हालांकि भारतीय जोड़ी को अच्छी टक्कर दी, लेकिन वो लय को बनाए रखने और कुछ अपनी गलतियों के कारण मैच हार गईं।

दूसरा मुकाबला पुरुष एकल वर्ग में था जिसमें भारत के किदाम्बी श्रीकांत और श्रीलंका निकुला करुणारत्ने कोर्ट पर थे। भारतीय खिलाड़ी ने आसानी से 21-16, 21-10 से मैच अपने नाम कर मुकाबले में भारत को 2-0 से आगे कर दिया।

सात्विक रैंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी पुरुष युगल के अगले मुकाबले में श्रीलंका के दिनुका करुणारत्ने और वुवेंका गूनथिलेका के सामने उतरे और 21-17, 21-14 से मुकाबला जीत ले गए।

अगला मुकाबला महिला एकल वर्ग में था जिसमें भारत की साइना नेहवाल कोर्ट पर थीं। विश्व की इस दिग्गज खिलाड़ी को श्रीलंका की मधुशिका दिलरुक्शी बेरूवेलागे को मात देने में कोई भी परेशानी नहीं हुई। साइना ने यह मैच 21-8, 21-4 से अपने नाम किया।

आखिरी मैच महिला युगल का था जिसमें अश्विनी पोनप्पा और एन. सिक्की रेड्डी को थिलिनि तथा काविडि सिरिमानागे से भिड़ना था। भारतीय जोड़ी इस मुकाबले में भी श्रीलंका पर हावी रही और 21-12, 21-14 से मैच जीत मुकाबला 5-0 से अपने नाम किया।

 

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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