कोलंबो वनडे : श्रीलंका ने द. अफ्रीका को 178 रन से हराया

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मैन आफ द मैच ऑफ स्पिनर अकिला धनंजय (29 रन पर छह विकेट) के करियर की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी के दम पर श्रीलंका ने पांचवें और आखिरी वनडे मैच में दक्षिण अफ्रीका को रविवार को 178 रनों से हरा दिया। मेजबान श्रीलंका ने इसके साथ 2-3 से सीरीज का समापन किया। दक्षिणी अफ्रीकी टीम पहले तीन मैच जीतकर सीरीज अपने नाम कर चुकी थी।

श्रीलंका ने यहां आर प्रेमदासा स्टेडियम में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए आठ विकेट पर 299 रन का मजबूत स्कोर बनाया और फिर धनंजय की कमाल की गेंदबाजी से दक्षिणी अफ्रीकी टीम को 24.4 ओवर में 121 रन पर समेट दिया।

दक्षिण अफ्रीका की रनों के लिहाज से वनडे में यह तीसरी बुरी हार है। मेहमान टीम के लिए कप्तान और विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डी कॉक ने 57 गेंदों पर सात चौकों और एक छक्के की मदद से सर्वाधिक 54 रन की पारी खेली।

इसके अलावा एडिन मारक्रम ने 20, ज्यां पॉल ड्यूमिनी ने 12 और कगिसो रबादा ने नाबाद 12 रन बनाए। दक्षिण अफ्रीका के सात बल्लेबाज दोहरे अंकों में भी नहीं पहुंच पाए।

श्रीलंका के लिए धनंजय ने 29 रन देकर छह विकेट लिए और उन्हें मैन आफ द मैच का पुरस्कार मिला। इसके अलावा लाहिरू कुमारा ने 34 रन पर दो विकेट जबकि सुरंगा लकमल और धनंजस डि सिल्वा को एक-एक विकेट मिले।

इससे पहले, श्रीलंका ने कप्तान एंजेलो मैथ्यूज के नाबाद 97 रन की मदद से आठ विकेट पर 299 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया।

मैथ्यूज ने 97 गेंदों पर 11 चौके और एक छक्का लगाया। सलामी बल्लेबाज निरोशन डिकवेला ने 65 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 43, कुसल मेंडिस ने 43 गेंदों पर पांच चौके की सहायता से 38 और धनंजय डि सिल्वा ने 41 गेंदों पर 30 रन का योगदान दिया।

दक्षिण अफ्रीका की ओर से विलेम मुल्डर और एंडिले फेहलुकवायो ने दो-दो जबकि कगिसो रबादा, जूनियर डाला और केशव महाराज ने एक-एक विकेट लिए।

दक्षिण अफ्रीका के हरफनमौला खिलाड़ी ज्यां पॉल ड्यूमिनी को मैन आफ द टूर्नामेंट का पुरस्कार मिला।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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