Rajgarh के कलेक्टर ने खुद पर लगाया जुर्माना

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कोई कलेक्टर खुद पर जुर्माना लगा सकता है तो जवाब न में ही मिलेगा, मगर मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले ने न्याय की नई मिसाल पेश की है। उन्होंने अन्य अधिकारियों के साथ खुद पर भी सौ रुपये का जुर्माना लगाया है। आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी में बताया गया है कि समाधान ऑनलाईन, प्रधानमंत्री आवास, मनरेगा, सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई तथा जनप्रतिनिधि के लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा के लिए बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में जिलाधिकारी नीरज कुमार सिंह ने 100 रुपए के मान से 1139 शिकायतों का निराकरण नहीं करने पर संबंधित अधिकारियों पर जुर्माना लगाया। साथ ही कलेक्टर ने स्वयं पर भी कार्रवाई नहीं करने के कारण 100 रुपए का जुर्माना लगाया।

इस बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभागीय अधिकारी एक सप्ताह के अंदर अभियान चलाकर सीएम हेल्पलाइन समाधान ऑनलाइन समय सीमा निर्धारित पत्रों की जनसुनवाई और जनप्रतिनिधियों से प्राप्त पत्र का निराकरण करना सुनिश्चित करें।

जानकारी के अनुसार समीक्षा के दौरान उन्होने पशु चिकित्सा विभाग के सहायक क्षेत्रीय पशु चिकित्सा अधिकारी और पिपलिया कला के एम एस मंसूरी और पी एस दांगी को केसीसी से संबंधित कार्य नहीं करने के कारण निलंबित करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार निर्धारित समय सीमा में पत्रों का निराकरण नहीं करने के कारण मुख्य कार्यपालन अधिकारी सारंगपुर, लोकशिक्षण विभाग, पीएमजीएसवाई तथा सारंगपुर तहसीलदार को शोकॉज नोटिस जारी करने हेतु निर्देशित किया। साथ ही राजगढ़ तहसीलदार को बैठक में अनुपस्थित रहने के कारण नोटिस देने के निर्देश दिए।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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