सीएम योगी ने कहा, बौद्ध सर्किट से जुड़ेगी बुद्ध की तपोस्थली

0
103

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि बौद्ध तपोस्थली को बौद्ध सर्किट से जोड़ा जाएगा और इसके उत्थान और विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। योगी बुधवार को भगवान गौतमबुद्ध की तपोस्थली कौशाम्बी पहुंचे और यहां का निरीक्षण किया। फिर घोसिताराम विहार पहुंचे योगी ने स्कूल चलो अभियान व दस्तक टीकाकरण का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने नौ बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी किया।

इस दौरान उन्होंने कहा कि ‘स्कूल चलो अभियान’ के तहत कोई भी बच्चा स्कूल में नामांकन से छूटना नहीं चाहिए। सभी लोग सभी बच्चों को स्कूल भेजें। उन्होंने कहा कि शास्त्रों में कहा गया है की सबसे बड़ा दान विद्यादान है। सरकार की ओर से अंग्रेजी माध्यम के स्कूल चलाया जाना एक मिसाल बनेगा।

योगी ने लोगों ने कहा कि टीकाकरण कराकर कुपोषण के खात्मे में सरकार के संकल्प को पूरा करने में सहयोग दें।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleटी 20 सीरीज: बाबर आजम को मैन ऑफ द सीरीज में मिली बाइक
Next articleव्यापार युद्ध से जुड़ी चिंताओं के बीच अमेरिकी डॉलर में गिरावट
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here