सीएम कमलनाथ ने कहा, इंदौर हत्याकांड के दोषी बख्शे नहीं जाएंगे !

0
43

मध्य प्रदेश के इंदौर संसदीय क्षेत्र में मतदान के बाद रविवार को भाजपा कार्यकर्ता नेमीचंद तंवर की हत्या के मामले पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दुख व्यक्त करते हुए दोषियों पर कार्रवाई की बात कही है।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा की तरफ से जारी बयान में कहा गया है, “रविवार को सांवेर के पालिया में हुई नेमीचंद तवर की हत्या को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गंभीरता से लेते हुए तुरंत ही निर्देश जारी किए कि इस घटना के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो। किसी को भी बख्शा नहीं जाए। निष्पक्ष कार्रवाई हो।”

इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान द्वारा दिए गए बयान पर कमलनाथ ने कहा, “बड़े ही दुख का विषय है कि मुद्दा विहीन भाजपा इस दुखद कांड पर भी राजनीति कर रही है। इस घटना को राजनीतिक रंग दे रही है।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleभारत में एलन मस्क के सपनों को साकार करने को तैयार अशोक लीलैंड
Next articleउपराष्ट्रपति एम. वेंकैया के बाद गडकरी ने एक्जिट पोल पर सवाल उठाए
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here