सीएम कमलनाथ मिले सोनिया गांधी से, ‘वचनपत्र’ पर चर्चा की

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मध्यप्रदेश में कांग्रेस के वचनपत्र (घोषणापत्र) को लागू किए जाने पर कई नेताओं द्वारा सवाल खड़े किए जाने के बाद मुख्यमंत्री कमल नाथ ने शुक्रवार को दिल्ली में पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। कमल नाथ ने कहा, “मैंने पार्टी अध्यक्ष से मुलाकात की है और चर्चा की है कि राज्य में सरकार वचनपत्र के वादों को पूरा करने में कितनी सक्षम है।”

पार्टी के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्यप्रदेश के लोगों से किए गए वादों को पूरा करने में पार्टी के गंभीरता न दिखाने पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा, “अगर कांग्रेस कोई वादा करती है, तो वह उसे पूरा करे। अन्यथा, हम सड़कों पर उतर आएंगे।”

कमल नाथ ने इस बात से इनकार किया कि बैठक राज्यसभा चुनाव या राज्य मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी।

राज्य कांग्रेस के कुछ नेताओं ने मांग की है कि पार्टी को अपने घोषणापत्र में किए गए वादों को निभाना चाहिए। राज्यमंत्री गोविंद सिंह ने हाल ही में एक सार्वजनिक समारोह में कहा कि धन की कमी की वजह से कुछ वादे पूरे नहीं हो पाए।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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