दिल्ली में बादल छाए, बारिश की संभावना, एक्यूआई ‘बहुत खराब’ श्रेणी में

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राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार सुबह आसमान में बादल छाए हैं और वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 336 अंकों के साथ ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है। हालांकि दिन में बारिश की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने एक्यूआई में सुधार की उम्मीद जताई है। दिन में तापमान सात से 22 डिग्री के बीच रहने की संभावना है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के एक अधिकारी ने कहा, “हल्की बारिश या बूंदाबांदी के साथ दिन में आसमान सामान्य रूप से साफ रहेगा।”

सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) के अनुसार, दिल्ली का एक्यूआई 336 पॉइंट्स के साथ ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया।

सफर ने कहा, “हालिया पश्चिमी विक्षोभ में एक्यूआई सोमवार को दोपहर बाद बेहतर हो सकता है। मंगलवार तक एक्यूआई ‘बहुत खराब’ और ‘खराब’ श्रेणी के बीच में आ सकता है। वहीं संभावित बारिश के बाद बुधवार तक एक्यूआई ‘खराब’ से ‘मध्यम’ श्रेणी में आ सकता है।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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