चीफ जस्टिस ही हैं सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों के न्यायाधीश, खुद सुप्रीम कोर्ट ने लगा दी है मुहर

शीर्ष अदालत इस मामले की सुनवाई पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण द्वारा दायर याचिका पर कर रहा था।

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जयपुर। इस साले के शुरु से ही सुप्रीम कोर्ट में प्रशासन को लेकर बहस चल रही है। ये बहस कोर्ट के अंदर भी चल रही है और इस बहस ने कोर्ट के बाहर भी राजनीतिक रूप ले रखा है।

लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने आज को कहा है कि मुख्य न्यायाधीश मास्टर ऑफ रोस्टर है और सभी न्यायाधीशों के बीच पहले नंबर पर आता है। इस तरह से ये बताता है कि सुप्रीम कोर्ट में विभिन्न शाखाओं में मामलों को आवंटित करने की शक्ति सिर्फ चीफ जस्टिस के पास ही है।

शीर्ष अदालत इस मामले की सुनवाई पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण द्वारा दायर याचिका पर कर रहा था, जिन्होंने न्यायाधीशों को रोस्टर करने और उन्हें आवंटित करने पर निर्णय लेने के लिए वरिष्ठ न्यायाधीशों का एक पैनल बनाने की मांग की थी।

न्यायमूर्ति ए के सिकरी और अशोक भूषण समेत दो न्यायाधीशों की खंडपीठ ने भूषण की याचिका को ठुकरा दिया है और कहा है कि..

कोई विवाद ही नहीं है कि सीजेआई रोस्टर का मालिक है और अलग-अलग बेंच में मामलों को आवंटित करने का अधिकार उसके पास है। सीजेआई सभी न्यायाधीशों के बीच पहले नंबर की भूमिका निभाता है और मामलों को आवंटित करने का विशेष कर्तव्य उसी के पास है।

बेंच के अनुसार वरिष्ठ न्यायाधीश होने के नाते सीजेआई को अदालत के प्रशासन में नेतृत्व का अधिकार देने का अधिकार है जिसमें मामलों की सुनवाई का काम शामिल है।

अलग-अलग सहमति वाले फैसले में दो न्यायाधीशों की खंडपीठ ने कहा कि मामलों को आवंटित करने और बेंच गठित करने के लिए मुख्य न्यायाधीश के पास विशेषाधिकार है। जस्टिस सीकरी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश सीजेआई, न्यायपालिका के प्रवक्ता और नेता हैं।

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